कोटा: JVVNL जेईएन और संविदा कर्मी ₹1,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार
बिजली कनेक्शनों पर सतर्कता जांच रिपोर्ट (VCR) से बचने के लिए रिश्वत लेने के आरोप में कोटा में एक JVVNL जूनियर इंजीनियर (JEN) और एक संविदा कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। JEN पंकज वर्मा और संविदा कर्मचारी दानमल को एसीबी ने ₹1,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। उन्होंने शिकायतकर्ता के पिता के कनेक्शन के लिए VCR से बचने के लिए शुरू में ₹7,000 की मांग की थी, जिसे बाद में ₹2,000 तक कम कर दिया गया। यह घटना वर्मा की पहली पोस्टिंग के दौरान हुई। आगे की जांच जारी है, और एसीबी अन्य संभावित सह-साजिशकर्ताओं पर सबूत जुटा रही है। दोनों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए।
AI सारांश
3 bulletsएसीबी ने JVVNL अधिकारियों को पकड़ा
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कोटा देहात ने JVVNL सुल्तानपुर के एक कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) पंकज वर्मा और फॉल्ट रिमूवल टीम (एफआरटी) के एक संविदा कर्मचारी दानमल को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया। दोनों व्यक्तियों को ₹1,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। एसीबी की यह कार्रवाई सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के भीतर भ्रष्टाचार से लड़ने के उनके निरंतर प्रयासों को रेखांकित करती है।
VCR से बचने के लिए रिश्वत
गिरफ्तार किए गए व्यक्ति शिकायतकर्ता के पिता के नाम पर पंजीकृत बिजली कनेक्शन के खिलाफ सतर्कता जांच रिपोर्ट (VCR) दर्ज न करने के बदले रिश्वत मांग रहे थे। शुरुआत में ₹7,000 की मांग की गई थी, जिसे बाद में बातचीत के बाद ₹2,000 तक कम कर दिया गया। पकड़े गए ₹1,000 कम की गई रिश्वत राशि की अंतिम किस्त थी।
शिकायत और सत्यापन प्रक्रिया
शिकायत 20 जुलाई को दर्ज की गई थी, जिसमें कहा गया था कि जेईएन पंकज वर्मा ने बिजली कनेक्शन के संबंध में शिकायतकर्ता के घर की तस्वीरें ली थीं। इसके बाद, एफआरटी कर्मचारी दानमल के माध्यम से, VCR से बचने के लिए ₹7,000 की मांग की गई। एसीबी ने उप महानिरीक्षक ओम प्रकाश मीणा की देखरेख में शिकायत का गोपनीय सत्यापन किया।
जाल बिछाकर गिरफ्तारी
जाल बिछाकर की गई कार्रवाई बुधवार शाम 7 बजे की गई, जहाँ एफआरटी कर्मचारी दानमल को शिकायतकर्ता से शेष ₹1,000 लेते हुए पकड़ा गया। रिश्वत की राशि उससे बरामद कर ली गई। इसके बाद, जेईएन पंकज वर्मा की मिलीभगत का खुलासा हुआ, जिससे उसकी भी गिरफ्तारी हुई। यह अभियान अतिरिक्त एसपी गोपाल सिंह कानावत के नेतृत्व में चलाया गया था।
नए भर्ती के भ्रष्टाचार की जांच
पंकज वर्मा, मूल रूप से अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश के निवासी थे, और लगभग एक साल से सेवा में थे, सुल्तानपुर, कोटा उनकी पहली पोस्टिंग थी। रिश्वत लेते पकड़े जाने के समय वह अभी भी परिवीक्षाधीन अवधि में थे। दानमल एक संविदा आधारित कर्मचारी है। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
क्यों मायने रखता है
यह मामला उपयोगिता सेवाओं के भीतर भ्रष्टाचार को उजागर करता है, यहां तक कि नए कर्मचारियों के बीच भी, जिससे सार्वजनिक विश्वास और आवश्यक सेवाओं की अखंडता प्रभावित होती है।
मुख्य तथ्य
- •Arrested Individuals: Pankaj Verma (JEN, JVVNL Sultanpur) and Danmal (FRT Contract Worker)
- •Bribe Amount: ₹1,000 (part of a negotiated ₹2,000, initially ₹7,000)
- •Reason for Bribe: To avoid a Vigilance Check Report (VCR) on an electricity connection
- •Location of Arrest: Kota, Rajasthan
- •Investigating Agency: ACB (Anti-Corruption Bureau) Kota Dehat
- •JEN's Experience: First posting, on probation for about one year, from Uttar Pradesh
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