भोपाल कोर्ट ने दहेज मौत मामले में पूर्व न्यायाधीश की जमानत याचिका खारिज की
भोपाल की एक विशेष अदालत ने मॉडल-अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की दहेज हत्या मामले में आरोपी सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। सिंह, जो ट्विशा की सास हैं, पर दहेज उत्पीड़न, मानसिक शोषण और घरेलू हिंसा का आरोप है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सिंह की जमानत का विरोध किया, जिसमें सीसीटीवी तकनीशियन और सैलून ऑपरेटर से संपर्क करने और फुटेज के लिए एक निजी प्रतिनिधि भेजने जैसे जांच को प्रभावित करने के कथित प्रयासों का हवाला दिया गया। कोर्ट ने आरोपों को गंभीर माना, बावजूद इसके कि सिंह के बचाव ने स्वास्थ्य समस्याओं, उम्र और आश्रित बुजुर्ग मां का हवाला दिया, साथ ही नियमित आय के उनके दावे को भी दहेज की मांग को अनुचित बताया। यह मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा उनकी अग्रिम जमानत रद्द करने के बाद आया है।
AI सारांश
3 bulletsदहेज मौत मामले में जमानत खारिज
भोपाल की एक विशेष अदालत ने मॉडल-अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की कथित दहेज मौत के संबंध में सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने सिंह के खिलाफ लगे आरोपों की गंभीर प्रकृति पर जोर दिया, जो मृतका की सास हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
ट्विशा शर्मा कथित तौर पर 12 मई को अपने ससुराल में फांसी पर लटकी पाई गई थीं। इसके बाद, गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को दहेज उत्पीड़न, मानसिक शोषण और घरेलू हिंसा सहित कई आरोपों में गिरफ्तार किया गया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) वर्तमान में जांच का नेतृत्व कर रहा है।
सीबीआई ने जमानत का विरोध किया, प्रभाव डालने के प्रयासों…
सीबीआई ने सिंह की जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया, जिसमें जांच को प्रभावित करने के उनके कथित प्रयासों को उजागर किया गया। एजेंसी ने कहा कि सिंह ने मामले से जुड़े एक सीसीटीवी तकनीशियन और एक सैलून ऑपरेटर से संपर्क किया था और सीसीटीवी फुटेज प्राप्त करने के लिए एक निजी प्रतिनिधि भेजा था।
बचाव पक्ष की दलीलें और अदालत का रुख
सिंह के बचाव पक्ष ने मानवीय आधार पर जमानत की मांग की, जिसमें उनकी उम्र, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और उनकी लगभग 100 वर्षीय मां की निर्भरता का हवाला दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी नियमित आय ने दहेज की मांगों को अनुचित बना दिया। हालांकि, अदालत ने आरोपों की गंभीरता और संभावित साक्ष्य छेड़छाड़ के बारे में सीबीआई की चिंताओं को प्राथमिकता दी।
पिछली जमानत याचिका खारिज
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 27 मई को एक अधीनस्थ अदालत द्वारा गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत पहले ही रद्द कर दी थी। इस पिछले फैसले ने आरोपों की गंभीरता के बारे में न्यायिक प्रणाली के लगातार दृष्टिकोण को रेखांकित किया।
क्यों मायने रखता है
यह मामला भारत में दहेज से संबंधित हिंसा और उत्पीड़न के चल रहे मुद्दे को उजागर करता है, जिसमें प्रतिष्ठित व्यवसायों से जुड़े व्यक्ति भी शामिल हैं। अदालत का निर्णय ऐसे अपराधों को कितनी गंभीरता से देखा जाता है, इस बात पर जोर देता है, और सीबीआई की संलिप्तता प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा न्याय में बाधा डालने की क्षमता को रेखांकित करती है।
मुख्य तथ्य
- •Accused: Retired Judge Giribala Singh
- •Victim: Model-actor Twisha Sharma
- •Charges: Dowry harassment, mental abuse, domestic violence
- •Investigation Agency: Central Bureau of Investigation (CBI)
- •Court Decision: Bail plea rejected
- •Date of Decision: July 25, 2026
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