सुप्रीम कोर्ट ने विदेश मंत्रालय को ब्लैक सी में लापता भारतीय नाविक का पता लगाने का…
सुप्रीम कोर्ट ने विदेश मंत्रालय (MEA) को राजनयिक चैनलों का उपयोग करके दीपक कुमार गुप्ता का पता लगाने का निर्देश दिया है, जो 25 जुलाई को ब्लैक सी में अपने मालवाहक जहाज, एमवी एजीएन रैगनार पर ड्रोन हमले के बाद लापता हो गए थे। 22 वर्षीय गुप्ता यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास लापता हो गए थे। परिवार द्वारा विदेश मंत्रालय और यूक्रेन और रोमानिया में भारतीय दूतावासों से संपर्क करने के बार-बार के प्रयासों के बाद उनके बड़े भाई ने याचिका दायर की थी। अदालत ने सॉलिसिटर जनरल को दूतावासों से निर्देश लेने और 7 अगस्त, 2026 तक रिपोर्ट करने को कहा है। यह संघर्ष क्षेत्रों में भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए बढ़ती चिंताओं को उजागर करता है।
AI सारांश
3 bulletsलापता नाविक के लिए सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को विदेश मंत्रालय (MEA) को निर्देश दिया कि वह अपने राजनयिक माध्यमों का उपयोग करके भारतीय नाविक दीपक कुमार गुप्ता का पता लगाए। 25 जुलाई, 2026 को ब्लैक सी में उनके मालवाहक जहाज पर ड्रोन हमले के बाद गुप्ता लापता हो गए थे। यह निर्देश उनकी सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है।
ब्लैक सी में ड्रोन हमला
दीपक कुमार गुप्ता, 22, मालवाहक जहाज एमवी एजीएन रैगनार पर सवार थे जब यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास उस पर ड्रोन से हमला हुआ। यह घटना 25 जुलाई को हुई, जिसके बाद वह लापता हो गए। हमले और उसके तत्काल बाद के विवरण अभी सामने आ रहे हैं।
परिवार की याचिका और सरकारी निष्क्रियता
दीपक के बड़े भाई, संदीप कुमार गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की, जब भारत सरकार और यूक्रेन और रोमानिया में भारतीय दूतावासों से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के परिवार के बार-बार के प्रयास विफल रहे। उन्होंने 26 जुलाई से 30 जुलाई के बीच प्रतिनिधित्व भेजे थे, लेकिन उन्हें कोई सकारात्मक आश्वासन या कार्रवाई नहीं मिली। परिवार उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भरतौल गांव का रहने वाला है, जिसकी जड़ें बिहार के सिवान में हैं।
विदेश मंत्रालय को कोर्ट का निर्देश
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को तत्काल निर्देश मांगने का निर्देश दिया। विदेश मंत्रालय को यूक्रेन में भारतीय दूतावास और रोमानिया के बुखारेस्ट में भारतीय दूतावास के साथ समन्वय स्थापित करना है ताकि गुप्ता के ठिकाने का पता लगाया जा सके। मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार, 7 अगस्त, 2026 को होनी है।
भारतीय नाविकों के लिए चिंताएं
यह घटना अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविकों के सामने आने वाले महत्वपूर्ण जोखिमों को रेखांकित करती है, खासकर ब्लैक सी जैसे संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में। अदालत का हस्तक्षेप ऐसे कमजोर क्षेत्रों में कार्यरत भारतीय नागरिकों की रक्षा और पता लगाने के लिए मजबूत तंत्र की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।
क्यों मायने रखता है
यह घटना संघर्ष क्षेत्रों में भारतीय नाविकों के सामने आने वाले खतरों और विदेशों में लापता नागरिकों का पता लगाने में राजनयिक प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालती है।
मुख्य तथ्य
- •Missing Seafarer's Name: Deepak Kumar Gupta
- •Incident Date: July 25, 2026
- •Vessel Name: MV AGN Ragnar
- •Incident Location: Black Sea, near Ukraine's Odesa port
- •Court Hearing Date: August 7, 2026
- •Petitioner: Sandeep Kumar Gupta (Deepak's elder brother)
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