गडकरी ने कोटा-ग्वालियर-इटावा के लिए ₹15,000 करोड़ के अटल एक्सप्रेस-वे का ऐलान किया
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कोटा-ग्वालियर-इटावा अटल एक्सप्रेस-वे के लिए ₹15,000 करोड़ की लागत की घोषणा की। उन्होंने कोटा की कनेक्टिविटी के लिए नए फोरलेन और बाइपास का भी ऐलान किया, साथ ही ट्रैफिक जाम का कारण बन रहे अवैध ढाबों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। यह घोषणा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के उनके निरीक्षण के बाद हुई। मंत्री ने सुरक्षा पर जोर देते हुए दुर्घटना संभावित "ब्लैक स्पॉट" की पहचान और समाधान का आह्वान किया। इन नई परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में विकास, उद्योगों और पर्यटन को बढ़ावा देना और यात्रा के समय व लागत को कम करना है।
AI सारांश
3 bulletsबड़े इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट की घोषणा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कोटा, ग्वालियर और इटावा को जोड़ने वाले ₹15,000 करोड़ के अटल एक्सप्रेस-वे की योजना का अनावरण किया। यह महत्वपूर्ण घोषणा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के विस्तृत निरीक्षण के बाद कोटा दौरे के दौरान की गई।
कोटा की कनेक्टिविटी और सुरक्षा पर ध्यान
अटल एक्सप्रेस-वे के अलावा, गडकरी ने कोटा की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नई चार-लेन सड़कों और बाईपास को मंजूरी दी। उन्होंने अवैध ढाबा संचालकों और बेतरतीब ढंग से खड़े ट्रकों, जो सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, उनके मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के सख्त निर्देश भी दिए।
उच्च-स्तरीय निरीक्षण और समीक्षा
केंद्रीय मंत्री, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का आकलन करने के लिए लाबान इंटरचेंज से दरा टनल तक कार से यात्रा की। एक उच्च-स्तरीय समीक्षा के दौरान, गडकरी ने दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की और अधिकारियों को एक्सप्रेस-वे पर 'ब्लैक स्पॉट' की पहचान करने और स्थायी रूप से हल करने का निर्देश दिया।
क्षेत्रीय विकास और आर्थिक प्रभाव
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से राजस्थान के 14 जिलों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे परिवहन लागत कम होगी और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। नई परियोजनाओं से पर्यटन और किसानों की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र की समग्र अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा।
क्यों मायने रखता है
यह पहल राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, महत्वपूर्ण आर्थिक विकास और सड़क सुरक्षा में सुधार का वादा करती है। यह भारत के बुनियादी ढांचे को उन्नत करने पर सरकार के ध्यान को भी उजागर करता है।
मुख्य तथ्य
- •Project Cost: ₹15,000 Crore
- •Expressway Name: Kota-Gwalior-Etawah Atal Expressway
- •States Connected: Rajasthan, Madhya Pradesh, Uttar Pradesh
- •New Bypass Cost: ₹551 Crore (Chechat bypass)
- •New Four: ₹1,220 Crore (Kota-Balapura)
- •Inspection Route: Laban Interchange to Dara Tunnel (Delhi-Mumbai Expressway)
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