मानसून का बढ़ना: पूर्वोत्तर, दक्षिण भारत में भारी बारिश; पूर्वी UP, बिहार अभी भी लू की…
मानसून भारत भर में आगे बढ़ रहा है, जिससे पूर्वोत्तर और दक्षिण में भारी वर्षा हो रही है, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, मिजोरम और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश हुई है। मुंबई में लगातार बारिश के कारण गंभीर बाढ़ और परिवहन बाधित हुआ। हालांकि, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्य अभी भी लू की स्थिति से जूझ रहे हैं। मानसून आगे बढ़ रहा है, लेकिन जून के मध्य तक वर्षा में 43% की कमी कृषि और जल संसाधनों के लिए चिंता बढ़ाती है। मौसम विभाग ने पश्चिमी तट और पूर्वोत्तर भारत में लगातार भारी बारिश की संभावना जताई है।
AI सारांश
3 bulletsभारत के कुछ हिस्सों में मानसून ने पकड़ी गति
दक्षिण-पश्चिमी मानसून भारत भर में लगातार आगे बढ़ रहा है, जिससे पूर्वोत्तर और दक्षिणी क्षेत्रों में अच्छी बारिश हो रही है। विशेष रूप से, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र और मिजोरम जैसे क्षेत्रों में 12-20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है, जो वहां मजबूत मानसूनी गतिविधि का संकेत है।
मुंबई में गंभीर बाढ़ की स्थिति
मुंबई में 24 घंटे से अधिक समय तक अत्यधिक भारी बारिश हुई, जिससे निचले इलाकों में व्यापक बाढ़ आ गई और सामान्य जनजीवन बाधित हो गया। मूसलाधार बारिश ने सड़क और रेल सेवाओं दोनों को प्रभावित किया, जिससे यात्रियों को काफी असुविधा हुई। कुछ हिस्सों में 24 घंटे की अवधि के भीतर 300 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई।
उत्तरी मैदानों में लू का प्रकोप जारी
जबकि कुछ क्षेत्रों में मानसून की भारी बारिश हो रही है, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में अभी भी भीषण लू का प्रकोप जारी है। मानसून के आगे बढ़ने के बावजूद, इन उत्तरी मैदानी इलाकों को चिलचिलाती गर्मी से अभी तक खास राहत नहीं मिली है, जो मानसून के शुरुआती प्रभाव के असमान वितरण को दर्शाता है।
भारी वर्षा की कमी से बढ़ी चिंता
देश में जून के मध्य तक सामान्य से लगभग 43% कम वर्षा दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय स्तर पर केवल 60.6 मिलीमीटर है। मानसून के शुरुआती चरण में इस महत्वपूर्ण कमी ने कृषि, जल संसाधनों और पीने के पानी की उपलब्धता पर संभावित प्रभावों के बारे में विशेषज्ञों के बीच चिंता बढ़ा दी है। कृषि क्षेत्र, विशेषकर धान और मक्का जैसी खरीफ फसलें, सीधे खतरे में हैं।
मानसून के आगे बढ़ने की उम्मीद
मौसम विभाग गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तर प्रदेश के अधिक हिस्सों में दक्षिण-पश्चिमी मानसून के आगे बढ़ने की उम्मीद कर रहा है। इसके आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं, अगले सप्ताह पश्चिमी तट और पूर्वोत्तर भारत, विशेष रूप से उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।
भूस्खलन और अचानक बाढ़ की सूचना
विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश ने प्राकृतिक आपदाओं को जन्म दिया है। सिक्किम में भूस्खलन के कारण उसके पश्चिमी जिला मुख्यालय, ग्यालशिंग से संपर्क टूट गया। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में, बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे पैदल पुल क्षतिग्रस्त हो गए और पानी की आपूर्ति बाधित हो गई, जो तीव्र वर्षा की विनाशकारी क्षमता को उजागर करता है।
क्यों मायने रखता है
मानसून की असमान प्रगति, कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश और अन्य में लगातार लू की स्थिति, साथ ही महत्वपूर्ण वर्षा की कमी, भारत भर में कृषि, जल संसाधनों और दैनिक जीवन को सीधे प्रभावित करती है। इससे फसलें खराब हो सकती हैं और पानी की कमी हो सकती है।
मुख्य तथ्य
- •Heavy Rainfall Regions: Northeast, South India, Sub-Himalayan West Bengal, Mizoram, parts of Maharashtra
- •Heatwave Regions: Eastern UP, Bihar, Haryana, Punjab
- •Rainfall Deficit (Mid-June): 43%
- •Mumbai Rainfall (24 hrs): Over 300 mm in some areas
- •Monsoon Progression: Advanced into parts of Gujarat, MP, Maharashtra, Chhattisgarh, Jharkhand
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