राजस्थान: सोलर परियोजना के बैटरी स्टोरेज में आग
राजस्थान के पोकरण स्थित सनावड़ा गांव में एक सौर ऊर्जा परियोजना के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) में भीषण आग लग गई। बैटरियों में हुए धमाकों से अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारियों व सुरक्षाकर्मियों को बाहर निकलना पड़ा। इस घटना में महंगे उपकरण जलकर नष्ट हो गए। कंपनी ने शुरुआत में पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी। तीन दिन बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद जांच शुरू की गई है। आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, जिससे परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
AI सारांश
3 bulletsसोलर प्रोजेक्ट में लगी आग
पोकरण के सनावड़ा गांव स्थित एक सौर ऊर्जा परियोजना के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) में हाल ही में भीषण आग लग गई। इस घटना में बैटरियां बम की तरह फटने लगीं, जिससे साइट पर मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों में दहशत फैल गई। उन्हें अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिसर खाली करना पड़ा।
पुलिस जांच में देरी
कंपनी प्रबंधन ने शुरुआत में आग लगने की घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आग का एक वीडियो वायरल होने के बाद तीन दिन बाद ही अधिकारियों को स्थिति के बारे में पता चला। इसके बाद सांकड़ा पुलिस थाने ने मामले की जांच शुरू की।
उपकरणों को नुकसान और हानियाँ
आग लगने से बीईएसएस के भीतर बैटरी मॉड्यूल सहित महंगे उपकरण नष्ट हो गए, जिससे व्यापक क्षति हुई। कंपनी ने इस घटना से हुए नुकसान का अनुमान लगभग ₹20 लाख लगाया है। चल रही जांच के तहत कुल नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
सुरक्षा संबंधी चिंताएँ उत्पन्न
इस घटना ने सौर परियोजना में सुरक्षा प्रोटोकॉल और बुनियादी ढांचे के बारे में महत्वपूर्ण चिंताएं बढ़ा दी हैं। आग लगने का समय, ठीक दूसरी इकाई के वाणिज्यिक संचालन शुरू होने से पहले, परियोजना की समग्र सुरक्षा तैयारी पर संदेह पैदा करता है। यह परियोजना एसीएमई सूर्योदय प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित की गई थी।
कंपनी का कारण पर बयान
एसीएमई सूर्योदय प्राइवेट लिमिटेड ने एक बयान जारी कर दावा किया कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। उन्होंने कहा कि केवल चार पावर कन्वर्जन सिस्टम प्रभावित हुए और किसी भी बैटरी स्टोरेज कंटेनर को नुकसान नहीं पहुंचा। कंपनी ने यह भी बताया कि उनकी इन-हाउस फायर सेफ्टी टीम ने तुरंत आग पर काबू पा लिया था।
क्यों मायने रखता है
यह घटना बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं, विशेषकर बैटरी स्टोरेज सिस्टम के भीतर महत्वपूर्ण सुरक्षा चिंताओं को उजागर करती है। रिपोर्टिंग में देरी और बाद में पुलिस जांच परियोजना डेवलपर्स से सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल और पारदर्शिता की आवश्यकता को रेखांकित करती है, खासकर महत्वपूर्ण क्षति और वित्तीय नुकसान की संभावना को देखते हुए।
मुख्य तथ्य
- •Location: Sanawada village, Pokhran, Jaisalmer, Rajasthan
- •Incident: Fire in Battery Energy Storage System (BESS)
- •Project Type: Solar Energy Project
- •Company: ACME Suryoday Private Limited
- •Police Involvement: Started investigation three days after the incident
- •Estimated Loss: ₹20 lakh
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