केरू में 1 साल से बंद स्ट्रीट लाइटें, चोरी बढ़ने से ग्रामीण परेशान
जोधपुर के केरू शहर में पिछले एक साल से स्ट्रीट और हाईमास्ट लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे राठौड़ चौक और केरू चौराहा जैसे प्रमुख इलाकों में अंधेरा छाया रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, जिससे चोरी में काफी वृद्धि हुई है। संबंधित अधिकारियों और जोधपुर विकास प्राधिकरण को कई शिकायतें भेजने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय निवासी तत्काल मरम्मत की मांग कर रहे हैं और चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में और गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। रोशनी की कमी से क्षेत्र में सार्वजनिक सुरक्षा और सुविधा गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
AI सारांश
3 bulletsकेरू में साल भर से अंधेरा
जोधपुर के केरू निवासी पिछले एक साल से खराब स्ट्रीट और हाईमास्ट लाइटों के कारण अंधेरे में जी रहे हैं। राठौड़ चौक, सुरेश चौधरी स्मारक और केरू चौराहा जैसे महत्वपूर्ण रास्ते विशेष रूप से प्रभावित हैं, जिससे रात में आवाजाही खतरनाक और असुविधाजनक हो गई है।
अंधेरे में बढ़ी चोरी की घटनाएं
स्थानीय लोगों ने चोरी की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि की सूचना दी है, जिसका सीधा संबंध व्यापक अंधेरे से है। उनका आरोप है कि अपराधी बिना रोशनी वाली सड़कों और सार्वजनिक स्थानों का फायदा उठा रहे हैं, जिससे वे आपराधिक गतिविधियों के लिए आसान लक्ष्य बन गए हैं और समुदाय में गंभीर सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।
अधिकारियों पर कार्रवाई न करने का आरोप
प्रभु बेनीवाल और विजय सैन जैसे निवासियों द्वारा संबंधित अधिकारियों और जोधपुर विकास प्राधिकरण को बार-बार शिकायतें करने के बावजूद, कोई ठोस कार्रवाई शुरू नहीं की गई है। इस लंबे समय तक उपेक्षा ने प्रभावित नागरिकों के बीच सार्वजनिक आक्रोश और धोखे की भावना को बढ़ावा दिया है।
तत्काल सुधार की मांग
समुदाय सभी खराब स्ट्रीट और हाईमास्ट लाइटों की तत्काल मरम्मत और बहाली की जोरदार मांग कर रहा है। वे इस बात पर जोर देते हैं कि रात के घंटों के दौरान निवासियों की सुरक्षा और मानसिक शांति सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त रोशनी महत्वपूर्ण है।
आगे और अशांति की चेतावनी
निवासियों ने कड़ी चेतावनी दी है कि अनसुलझे मुद्दे और अधिक गंभीर परिणामों और व्यापक विरोध का कारण बन सकते हैं। वे प्रशासन से इस महत्वपूर्ण समस्या को प्राथमिकता देने और आगे की घटनाओं को रोकने के लिए त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की उम्मीद करते हैं।
क्यों मायने रखता है
स्ट्रीटलाइट जैसे बुनियादी ढांचे की कमी से निवासियों की सुरक्षा सीधे प्रभावित होती है, जिससे अपराध में वृद्धि और सार्वजनिक असुविधा होती है, जो नागरिकों की शिकायतों के प्रति प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करती है।
मुख्य तथ्य
- •Duration of Light Outage: 1 year
- •Affected Area: Keru, Jodhpur
- •Key Affected Locations: Rathore Chowk, Suresh Chaudhary Memorial, Keru Chauraha
- •Consequence: Increased theft, public insecurity
- •Authorities Notified: Jodhpur Development Authority, local officials
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…