उमर अब्दुल्ला ने नड्डा के JKSSB पेपर लीक दावे को नकारा, 2022 L-G प्रशासन का हवाला दिया
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के उस आरोप का खंडन किया है जिसमें उनकी सरकार को 2022 के सेवा चयन बोर्ड (SSB) पेपर लीक से जोड़ा गया था। अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि यह घटना 2022 में उपराज्यपाल के प्रशासन के दौरान हुई थी, जो उनकी सरकार के 2024 में सत्ता में आने से दो साल पहले था। उन्होंने अनियमितताओं की उच्च न्यायालय द्वारा अनिवार्य जांच की स्थिति पर भी सवाल उठाया। नड्डा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस पर पेपर लीक घोटालों पर उनकी चुप्पी को लेकर आलोचना की थी, जिसके बाद अब्दुल्ला ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। इस घोटाले के कारण कई भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी गईं और परीक्षण कराने वाली कंपनी एपटेक लिमिटेड को लेकर चिंताएं बढ़ीं।
AI सारांश
3 bulletsअब्दुल्ला ने लीक के दावे को खारिज किया
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें उनकी सरकार को सेवा चयन बोर्ड (SSB) पेपर लीक घटना से जोड़ा गया था। अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक 2022 में हुआ था, जो उनकी सरकार के 2024 में सत्ता में आने से काफी पहले था। उन्होंने नड्डा द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाए गए आरोपों के जवाब में ये टिप्पणियाँ कीं।
नड्डा के आरोप और अब्दुल्ला का जवाब
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस पर विभिन्न पेपर लीक घोटालों पर चुप रहने का आरोप लगाया था। अब्दुल्ला ने X पर नड्डा का खंडन करते हुए SSB पेपर लीक की पुष्टि की, लेकिन समय-रेखा को 2022 तक सही किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उस समय की सरकार उपराज्यपाल के नेतृत्व में थी, न कि उनके गठबंधन के।
उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप और अनसुलझे प्रश्न
अब्दुल्ला ने उस अवधि के जम्मू और कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के एक आदेश पर भी प्रकाश डाला, जिसने उपराज्यपाल प्रशासन को एक उच्च-शक्ति समिति गठित करने का निर्देश दिया था। इस समिति को, एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश की अध्यक्षता में, JKSSB की 'खुलेआम अनियमितताओं' की जांच करनी थी। अब्दुल्ला ने नड्डा से समिति के निष्कर्षों और रिपोर्ट के बारे में सवाल किया, यह कहते हुए कि इसका परिणाम अज्ञात है।
घोटाले का प्रभाव और संदिग्ध कंपनी
2022 के पेपर लीक घोटाले के कारण JKSSB द्वारा उप-निरीक्षकों, जूनियर इंजीनियरों और वित्त लेखा सहायकों जैसे पदों के लिए कई भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी गईं। प्रशासन को मुंबई स्थित एपटेक लिमिटेड को कंप्यूटर-आधारित परीक्षण आयोजित करने के लिए काम पर रखने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा। इस कंपनी का एक विवादास्पद इतिहास रहा है, जिसे पहले कथित कदाचारों के कारण कई राज्य सरकारों द्वारा ब्लैकलिस्ट किया गया था।
क्यों मायने रखता है
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के बीच यह सार्वजनिक बयानबाजी जम्मू-कश्मीर में महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र की भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े राजनीतिक तनाव और जवाबदेही के मुद्दों पर प्रकाश डालती है।
मुख्य तथ्य
- •Incident Year: 2022
- •Omar Abdullah's Government Term: Started 2024
- •Accusing Minister: J.P. Nadda
- •Accused Political Parties: National Conference, Congress
- •Admin in 2022: Lieutenant Governor's Administration
- •Company under scrutiny: Aptech Limited
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