पैरा शॉट पुट: सोमन राणा ने CWG में जीता ऐतिहासिक स्वर्ण, शुभम जुयाल ने रजत पदक पर…
भारत के सोमन राणा ने राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों के F57 पैरा शॉट पुट स्पर्धा में देश का पहला स्वर्ण पदक जीता है। उनके हमवतन शुभम जुयाल ने रजत पदक हासिल किया, जो इस श्रेणी में भारत का पहला दोहरा पोडियम फिनिश है। 43 वर्षीय सोमन राणा, जो पूर्व भारतीय सेना के हवलदार हैं, ने 13.40 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। जुयाल ने 13.28 मीटर का रिकॉर्ड बनाया। इस ऐतिहासिक जीत ने CWG में भारत के अब तक के सर्वश्रेष्ठ पैरा-स्पोर्ट्स प्रदर्शन में योगदान दिया, जिसमें तीन स्वर्ण सहित कुल सात पदक शामिल हैं।
AI सारांश
3 bulletsभारत के लिए ऐतिहासिक दोहरा पोडियम
सोमन राणा ने राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों के F57 पैरा शॉट पुट स्पर्धा में भारत के पहले स्वर्ण पदक विजेता बनकर इतिहास रच दिया। उनके हमवतन शुभम जुयाल ने रजत पदक हासिल किया, जिससे इस श्रेणी में भारत के लिए यह एक ऐतिहासिक दोहरा पोडियम फिनिश बन गया। यह उल्लेखनीय उपलब्धि पैरा-स्पोर्ट्स में भारत की बढ़ती शक्ति को दर्शाती है।
राणा का शानदार प्रदर्शन
43 वर्षीय सोमन राणा, जो पूर्व भारतीय सेना के हवलदार हैं, ने 13.40 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो करके शीर्ष स्थान हासिल किया। उनके शानदार प्रदर्शन ने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया, जिसमें कैमरून के सेड्रिक आज़मज़ी ने 12.57 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक हासिल किया। राणा का समर्पण और कौशल उनकी शानदार जीत में स्पष्ट था।
भारत का सर्वश्रेष्ठ पैरा-स्पोर्ट्स प्रदर्शन
इस जीत ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के अब तक के सर्वश्रेष्ठ पैरा-स्पोर्ट्स प्रदर्शन में योगदान दिया, जिसमें दल ने कुल सात पदक हासिल किए। इनमें विभिन्न पैरा-खेल विधाओं में तीन स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक शामिल थे। भारत के पैरा-एथलीटों ने पूरे खेलों में असाधारण प्रतिभा और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया।
सोमन राणा की लचीलेपन की यात्रा
सोमन राणा की पोडियम तक की यात्रा उनके अविश्वसनीय लचीलेपन का प्रमाण है। 2006 में गोरखा राइफल्स के साथ सेवा करते हुए एक बारूदी सुरंग विस्फोट में अपना पैर खोने के बाद, उन्होंने अपने पुनर्वास के दौरान पैरा-एथलेटिक्स में एक नया उद्देश्य पाया। यह राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक उनके पहले से ही सजे हुए करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ता है, जिसमें एशियाई पैरा गेम्स का रजत पदक भी शामिल है।
शुभम जुयाल की प्रेरक वापसी
शुभम जुयाल का रजत पदक तक का मार्ग भी उतना ही प्रेरक है। 2022 में एक मोटरसाइकिल दुर्घटना के कारण उनके पैर का विच्छेदन हो गया, जिससे उन्हें सेना अधिकारी बनने के अपने सपने को छोड़ना पड़ा। हालांकि, उन्होंने पैरा-स्पोर्ट्स में अपने प्रयासों को केंद्रित किया, कोच राकेश सिंह रावत के तहत प्रशिक्षण लिया और धीरे-धीरे F57 श्रेणी में भारत के सबसे उज्ज्वल संभावनाओं में से एक बन गए।
क्यों मायने रखता है
यह उपलब्धि भारत के लिए पैरा-स्पोर्ट्स में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय पैरा-एथलीटों की बढ़ती प्रतिभा और समर्पण को उजागर करती है। यह सोमन राणा और शुभम जुयाल जैसे एथलीटों के लचीलेपन और दृढ़ता का भी सम्मान करता है जिन्होंने खेल गौरव प्राप्त करने के लिए विपरीत परिस्थितियों को पार किया है।
मुख्य तथ्य
- •Athlete 1: Soman Rana (Gold)
- •Athlete 2: Shubham Juyal (Silver)
- •Event: Men's F57 Para Shot Put
- •Soman Rana's Throw: 13.40m (Season's Best)
- •Shubham Juyal's Throw: 13.28m (Season's Best)
- •Overall Medals for India (Para…: 7 (3 Gold, 2 Silver, 2 Bronze)
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