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दिल्ली मेट्रो के 10 स्टेशनों पर खुलेंगे ‘अर्पण’ केंद्र, दान कर सकेंगे पुराने कपड़े

Briovo· 16 Jul 2026, 03:30 am IST
दिल्ली मेट्रो के 10 स्टेशनों पर खुलेंगे ‘अर्पण’ केंद्र, दान कर सकेंगे पुराने कपड़े

दिल्ली मेट्रो और दिल्ली सरकार ने पुराने कपड़े इकट्ठा करने के लिए 10 मेट्रो स्टेशनों पर 'अर्पण' केंद्र शुरू किए हैं। इस पहल का उद्देश्य कपड़ा कचरे को कम करना, रीसाइक्लिंग और अपसाइक्लिंग को बढ़ावा देना और चक्रीय अर्थव्यवस्था का समर्थन करना है। दान किए गए कपड़ों को छांटा जाएगा; उपयोगी वस्तुओं को महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा नए उत्पादों में बदला जाएगा, जबकि अन्य को कच्चे माल में पुनर्चक्रित किया जाएगा। DMRC, DLWO, दिल्ली के राज्य शहरी आजीविका मिशन, क्लोद्स बॉक्स फाउंडेशन और रेस्पों के बीच यह परियोजना रोजगार के अवसर पैदा करने और जिम्मेदार कचरा प्रबंधन को प्रोत्साहित करने का भी प्रयास करती है। केंद्र रोजाना सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक खुले रहेंगे।

AI सारांश

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वस्त्र कचरा प्रबंधन की नई पहल

दिल्ली सरकार और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने 10 मेट्रो स्टेशनों पर 'अर्पण' केंद्रों के साथ 'पुराने कपड़े दान परियोजना' शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य लैंडफिल में जमा होने वाले वस्त्र कचरे की समस्या से निपटना है। यह पूरे शहर में जिम्मेदार कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देता है।

सहयोग और परिचालन विवरण

यह परियोजना DMRC, DMRC लेडीज वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन (DLWO), दिल्ली राज्य शहरी आजीविका मिशन, क्लोद्स बॉक्स फाउंडेशन और रेस्पों के सहयोगात्मक प्रयास से चल रही है। 'अर्पण' केंद्र रोजाना सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक चालू रहेंगे, जिससे यात्रियों और निवासियों को अपने पुराने कपड़े आसानी से दान करने की सुविधा मिलेगी। ये केंद्र शाहदरा, मालवीय नगर और लाजपत नगर सहित विभिन्न मेट्रो स्टेशनों पर रणनीतिक रूप से स्थित हैं।

उद्देश्य और पर्यावरणीय प्रभाव

इस परियोजना का प्राथमिक उद्देश्य लैंडफिल में जाने वाले पुराने और इस्तेमाल किए गए कपड़ों की मात्रा को कम करना है, जिससे वस्त्र प्रदूषण पर अंकुश लगेगा। रीसाइक्लिंग और अपसाइक्लिंग को बढ़ावा देकर, यह पहल एक चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देती है। सरकार का मानना है कि यह प्रयास न केवल पर्यावरण की रक्षा करेगा बल्कि नागरिकों में जिम्मेदार कचरा प्रबंधन की भावना भी पैदा करेगा।

दान किए गए कपड़ों का उपयोग

दान किए गए कपड़ों को श्रेणियों में बांटा जाएगा। अच्छी स्थिति वाली वस्तुओं को महिला स्वयं सहायता समूहों को दिया जाएगा, जो उन्हें बैग और सजावटी सामान जैसे उपयोगी उत्पादों में बदल देंगी। सीधे पुन: उपयोग के लिए अनुपयुक्त कपड़ों को रीसाइक्लिंग के लिए संसाधित किया जाएगा, उन्हें नए कच्चे माल में बदल दिया जाएगा। यह दोहरा दृष्टिकोण प्रत्येक दान की उपयोगिता को अधिकतम करता है।

सशक्तिकरण और भविष्य का विस्तार

संग्रह केंद्रों का प्रबंधन राज्य शहरी आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा, जिससे उन्हें रीसाइक्लिंग और अपसाइक्लिंग में प्रशिक्षण मिलेगा। इससे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं। सरकार निकट भविष्य में इस पहल का पूरे दिल्ली में विस्तार करने की योजना बना रही है, जिससे इसके सकारात्मक प्रभाव को और बढ़ाया जा सके।

क्यों मायने रखता है

यह पहल वस्त्र कचरे की बढ़ती समस्या का समाधान करती है, रीसाइक्लिंग के माध्यम से पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देती है, और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाती है, जो एक स्वच्छ और अधिक टिकाऊ दिल्ली में योगदान करती है।

मुख्य तथ्य

  • Number of Arpan Centres: 10
  • Operating Hours: 7 AM - 7 PM
  • Collaborating Organizations: DMRC, DLWO, Delhi State Urban Livelihood Mission, Clothes Box Foundation, Respon
  • Beneficiaries: Women's Self-Help Groups
  • Project Aim: Reduce textile waste, promote recycling, employment generation

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