Briovo

Article

JaisalmerWater ProjectPipelineRajasthan

जैसलमेर: 196 करोड़ की पाइपलाइन परियोजना में देरी

Briovo· 16 Jun 20261
जैसलमेर: 196 करोड़ की पाइपलाइन परियोजना में देरी

जैसलमेर में मोहनगढ़ से गजरूप सागर तक 196 करोड़ रुपये की 58 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन परियोजना, जिसका उद्देश्य जिले की जल आपूर्ति को मजबूत करना है, राज्य के बजट में घोषणा के महीनों बाद भी अटकी हुई है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) अभी तक तैयार नहीं हुई है, और कार्यान्वयन एजेंसी भी तय नहीं हुई है। यह देरी रेगिस्तानी जिले के लिए चिंता का विषय है, जो नहर के पानी पर बहुत अधिक निर्भर है और बढ़ती जनसंख्या और पर्यटन के कारण बढ़ती मांग का सामना कर रहा है। यह परियोजना विशेष रूप से गर्मी के दौरान, जैसलमेर की 2041 तक की भविष्य की पानी की जरूरतों को पूरा करने और पुरानी जल आपूर्ति समस्याओं को हल करने के लिए महत्वपूर्ण है।

परियोजना का अवलोकन और देरी

जैसलमेर की जल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए 196 करोड़ रुपये की एक महत्वपूर्ण पाइपलाइन परियोजना राज्य बजट में घोषणा के महीनों बाद भी काफी देरी का सामना कर रही है। मोहनगढ़ से गजरूप सागर तक 58 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने का उद्देश्य रखने वाली यह परियोजना अभी तक नियोजन स्तर से आगे नहीं बढ़ पाई है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) अभी तक तैयार नहीं हुई है, और इसके कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार एजेंसी अभी भी अनिर्णीत है, जिससे विकास की धीमी गति के बारे में चिंताएं बढ़ रही हैं।

नहर के पानी पर निर्भरता

जैसलमेर, एक रेगिस्तानी जिला होने के कारण, अपनी पेयजल आपूर्ति के लिए इंदिरा गांधी नहर परियोजना पर बहुत अधिक निर्भर करता है। बढ़ती आबादी, पर्यटन गतिविधियों के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती मांग के कारण मौजूदा जल आपूर्ति अवसंरचना पर भारी दबाव है। कई मौजूदा पाइपलाइनें पुरानी हैं और रिसाव तथा तकनीकी खराबी की समस्या से ग्रस्त हैं, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लगातार जल आपूर्ति प्रभावित होती है।

परियोजना का लक्ष्य और भविष्य की आवश्यकताएं

नई पाइपलाइन परियोजना का उद्देश्य मोहनगढ़ से गजरूप सागर तक एक उच्च क्षमता वाली पाइपलाइन बिछाकर जल आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करना है, जो जैसलमेर शहर के लिए एक महत्वपूर्ण जल निकाय है। यह पहल 2041 तक क्षेत्र की पानी की मांगों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन की गई है, जो अत्यधिक गर्मी के तापमान (जो अक्सर 47 डिग्री सेल्सियस से अधिक होता है) से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करेगी। ऐसे समय में व्यापक पानी की कमी को रोकने के लिए एक मजबूत प्रणाली महत्वपूर्ण है।

आधिकारिक प्रतिक्रिया और अगले कदम

निरंजन मीणा, अधिशासी अभियंता, नगरखंड, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, जैसलमेर ने बताया कि बाहरी एजेंसी द्वारा डीपीआर तैयार करने के प्रस्ताव मुख्यालय को भेजे गए हैं। उन्होंने शीघ्र ही इस दिशा में ठोस प्रगति की उम्मीद जताई। विभाग इस बड़े पैमाने की परियोजना के कार्यान्वयन के संबंध में मुख्यालय से सभी निर्देशों का पालन कर रहा है, जिसे जैसलमेर की भविष्य की जल सुरक्षा के लिए आवश्यक माना जा रहा है।

क्यों मायने रखता है

इस महत्वपूर्ण जल अवसंरचना परियोजना में देरी से जैसलमेर जैसे रेगिस्तानी जिले में पानी की कमी बढ़ सकती है, जिससे निवासियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा, खासकर बढ़ती मांग और अत्यधिक गर्मी के तापमान के साथ।

मुख्य तथ्य

  • Project Cost (Hindi): 196 करोड़ रुपये
  • Project Cost (English): Rs 196 crore
  • Pipeline Length (Hindi): 58 किलोमीटर
  • Pipeline Length (English): 58 kilometers
  • Proposed Route (Hindi): मोहनगढ़ से गजरूप सागर
  • Proposed Route (English): Mohangarh to Gajroop Sagar

क्या यह मददगार था?

वोट करने के लिए साइन इन करें।

Reader pulse

0 votes
Test yourself

Generate a 5-question quiz from this article.

चर्चा