मीणा ने गहलोत पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भ्रष्टाचार, लूट और प्रशासनिक अराजकता का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। मीणा ने गहलोत की हालिया आलोचना का जवाब देते हुए उनसे "गांधी-दर्शन" का उपदेश देने के बजाय "गांधारी-दर्शन" छोड़ने और सच्चाई का सामना करने का आग्रह किया। उन्होंने जल जीवन मिशन जैसे घोटालों को उजागर किया, जिसके कारण एक पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी हुई, और पिछली भर्ती परीक्षाओं (REET और SI) में अनियमितताओं का भी जिक्र किया। मीणा का दावा है कि उनके खुलासों के कारण ये परीक्षाएं रद्द हुईं। गहलोत ने पहले मीणा पर निराधार आरोप लगाने का आरोप लगाया था।
AI सारांश
3 bulletsमीणा का गहलोत पर भ्रष्टाचार को लेकर हमला
राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर उनके पांच साल के कार्यकाल के दौरान व्यापक भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। मीणा ने गहलोत को "गांधी-दर्शन" को बढ़ावा देने के बजाय वास्तविकता का सामना करने की चुनौती दी, यह सुझाव देते हुए कि उन्हें "गांधारी-दर्शन" छोड़ देना चाहिए। यह गहलोत द्वारा मीणा के खिलाफ की गई पिछली आलोचनाओं का सीधा जवाब है।
पूर्व कांग्रेस सरकार पर आरोप
मीणा ने इस बात पर जोर दिया कि जहां गहलोत पांच साल तक सत्ता में रहे, वहीं उनके मंत्रियों और विधायकों ने कथित तौर पर राज्य को भ्रष्टाचार और अव्यवस्था में धकेल दिया। उन्होंने जल जीवन मिशन घोटाले का हवाला दिया, जिसके कारण एक पूर्व कांग्रेस मंत्री महेश जोशी को जेल जाना पड़ा। मीणा का दावा है कि ये घटनाएं पिछली सरकार की विफलताओं का स्पष्ट प्रमाण हैं।
भर्ती घोटालों पर प्रकाश डाला गया
मंत्री ने REET लेवल-2 और SI परीक्षाओं सहित प्रमुख भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इन मुद्दों को उजागर करने के उनके लगातार प्रयासों के कारण इन परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। मीणा ने RAS भर्ती प्रक्रिया की भी आलोचना की, आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान व्यापक अनियमितताएं थीं।
गहलोत का पहले का पलटवार
एक दिन पहले, अशोक गहलोत ने किरोड़ी लाल मीणा की आलोचना करते हुए कहा था कि मीणा के आरोपों में अक्सर कोई ठोस आधार नहीं होता है। गहलोत ने मीणा पर आरोप लगाया था कि जब उनसे खुद सवाल किया जाता है तो वे ध्यान भटकाने के लिए निराधार दावे करते हैं। उन्होंने कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे सार्वजनिक मुद्दों को संबोधित करने के लिए सरकार और विपक्ष के बीच सहयोग का आह्वान किया था।
क्यों मायने रखता है
एक मौजूदा मंत्री और एक पूर्व मुख्यमंत्री के बीच शब्दों का यह राजनीतिक युद्ध राजस्थान में गहरी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को उजागर करता है और पिछली सरकार के दौरान शासन और जवाबदेही के बारे में महत्वपूर्ण सवाल उठाता है। यह आरोप-प्रत्यारोप का खेल है, जिसमें सत्ताधारी और विपक्षी दल कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलताओं को लेकर एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं, जिसका सीधा असर जनता के विश्वास और भविष्य के चुनावों से पहले राजनीतिक अखंडता की धारणा पर पड़ रहा है।
मुख्य तथ्य
- •Accused: Former Chief Minister Ashok Gehlot
- •Accuser: Agriculture Minister Kirodi Lal Meena
- •Allegations: Corruption, loot, administrative anarchy
- •Specific Incidents Mentioned: Jal Jeevan Mission scam, REET and SI recruitment exam irregularities
- •Government Under Scrutiny: Former Congress government in Rajasthan
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…