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राजस्थान में "ऑपरेशन क्लीन स्वीप" को लेकर राजनीतिक घमासान तेज

Briovo· 24 Jun 2026, 04:39 pm IST
राजस्थान में "ऑपरेशन क्लीन स्वीप" को लेकर राजनीतिक घमासान तेज

राजस्थान में सीमावर्ती क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने के लिए चलाए जा रहे "ऑपरेशन क्लीन स्वीप" ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्षी दल और स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि यह अभियान धार्मिक ढांचों, खासकर एक विशेष समुदाय से जुड़े स्थलों को निशाना बना रहा है। प्रशासन का कहना है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई राजस्व रिकॉर्ड और कानूनी प्रक्रियाओं पर आधारित है, जिसका उद्देश्य सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण हटाकर राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है। गृह मंत्री अमित शाह के हालिया सीमा सुरक्षा समीक्षा दौरे के बाद यह कार्रवाई तेज हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार की आलोचना की है, जबकि भाजपा नेता इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बता रहे हैं।

AI सारांश

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सीमा पर ध्वस्तिकरण से विवाद

राजस्थान में 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' सीमावर्ती जिलों में सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान है। हालांकि, इस ध्वस्तीकरण अभियान ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है, क्योंकि विपक्षी दल और स्थानीय निवासी धार्मिक ढांचों को, खासकर एक विशेष समुदाय से जुड़े स्थलों को, निशाना बनाने का आरोप लगा रहे हैं।

प्रशासन का पक्ष

प्रशासन का कहना है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी तरह से राजस्व रिकॉर्ड और कानूनी प्रक्रियाओं पर आधारित है, जिसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है। अधिकारियों का कहना है कि केवल सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बने ढांचों को हटाया जा रहा है, चाहे उनकी प्रकृति कुछ भी हो।

राजनीतिक विरोध और आरोप

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार की आलोचना की है, भेदभाव का आरोप लगाते हुए संवाद का आग्रह किया है। केलन का पार जैसे गांवों के स्थानीय ग्रामीणों ने भी शिकायत की है कि मस्जिदों को कम समय के नोटिस पर ध्वस्त कर दिया गया, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, और वे सभी अवैध निर्माणों पर समान कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

भाजपा ने आरोपों को खारिज किया

पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि प्रशासन केवल सीमावर्ती क्षेत्रों को सुरक्षित करने के अपने कर्तव्य का पालन कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया और दोहराया कि कार्रवाई केवल सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ है, न कि किसी विशेष धर्म या समुदाय के खिलाफ।

अमित शाह के दौरे के बाद हुई तेज़ी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया राजस्थान सीमा सुरक्षा समीक्षा दौरे के बाद ध्वस्तीकरण अभियान में तेज़ी आई है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सीमा के पास बने अवैध ढाँचे राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियाँ पैदा कर सकते हैं, इसलिए दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर ऐसे अभियान आवश्यक हैं।

जारी बहस और भविष्य की कार्रवाई

प्रशासन ने संकेत दिया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहेगा। इस बीच, विपक्षी दल और स्थानीय संगठन सरकार पर दबाव बनाए हुए हैं, जिससे 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' राजस्थान की राजनीति, सीमा सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।

क्यों मायने रखता है

यह ध्वस्तीकरण संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्वतंत्रता, प्रशासनिक निष्पक्षता और राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं पर सवाल उठाता है। यह विवाद राजनीतिक तनाव बढ़ा सकता है और अंतर-सामुदायिक संबंधों पर असर डाल सकता है।

मुख्य तथ्य

  • Operation Name: Operation Clean Sweep
  • Affected Districts: Barmer, Jaisalmer, Bikaner, Phalodi
  • Allegation: Discrimination against specific community's religious structures
  • Administration's Stance: Based on revenue records, legal procedures; for national security
  • Political Figures Involved: Asaduddin Owaisi, Ashok Gehlot, Hanuman Beniwal, Harish Chaudhary, Ummedaram Beniwal, Kailash Choudhary

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