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जैसलमेर: भारेवाला भूमि अतिक्रमण मामले में सुनवाई तेज

Briovo· 25 Jul 2026, 03:49 pm IST
जैसलमेर: भारेवाला भूमि अतिक्रमण मामले में सुनवाई तेज

जैसलमेर के भारेवाला क्षेत्र में उपनिवेशन विभाग ने भारत-पाक सीमा से सटी सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमणों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। तहसीलदार ममता गवां ने संबंधित पक्षों की सुनवाई की और नोटिसधारकों के दावों और दस्तावेजों की समीक्षा की। भाजपा नेता तुलछ सिंह देवड़ा और पूर्व सरपंच जीवन खां के नेतृत्व में ग्रामीणों ने तहसीलदार से मुलाकात कर स्थानीय परिस्थितियों पर प्रकाश डाला और निष्पक्ष जांच का अनुरोध किया। विभाग पुराने रिकॉर्ड खंगाल रहा है, और अपर्याप्त दस्तावेज़ वाले मामलों में आगे की कार्रवाई की उम्मीद है। इस कदम को सीमावर्ती क्षेत्र में एक बड़े अतिक्रमण विरोधी अभियान की शुरुआत माना जा रहा है।

AI सारांश

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सीमावर्ती भूमि अतिक्रमण जांच तेज

जैसलमेर के भारेवाला में उपनिवेशन विभाग ने भारत-पाक सीमा से सटी सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमणों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। यह कदम रणनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे विवादों और अनाधिकृत कब्जों को हल करने के लिए एक अधिक सक्रिय दृष्टिकोण का संकेत देता है।

तहसीलदार ने की व्यापक सुनवाई

उपनिवेशन नंबर-1 की तहसीलदार ममता गवां ने नोटिस जारी किए गए प्रकरणों में सुनवाई की। बड़ी संख्या में नोटिसधारक अपने दावों के समर्थन में राजस्व रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज लेकर पहुंचे, और विभाग ने सरकारी भूमि से जुड़े पुराने रिकॉर्ड और फाइलों की गहन जांच शुरू कर दी है।

ग्रामीणों ने मांगा निष्पक्ष मूल्यांकन

भाजपा नाचना मंडल अध्यक्ष तुलछ सिंह देवड़ा और भारेवाला के पूर्व सरपंच जीवन खां के नेतृत्व में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार ममता गवां से मुलाकात की। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र की अनूठी भौगोलिक परिस्थितियों, पुराने राजस्व रिकॉर्ड और आबादी क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति पर प्रकाश डाला और प्रत्येक मामले के निष्पक्ष और तथ्यात्मक मूल्यांकन का आग्रह किया।

निष्पक्ष समाधान का आश्वासन

तहसीलदार गवां ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि सभी मामलों का निस्तारण राजस्व अभिलेखों, उपलब्ध साक्ष्यों और स्थापित नियमों के अनुसार किया जाएगा। उन्होंने पुष्टि की कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा और सभी को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा, जिससे एक पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित होगी।

अतिक्रमण पर संभावित कानूनी कार्रवाई

विभाग की बढ़ती सक्रियता को एक बड़े अभियान की शुरुआत माना जा रहा है। यदि जांच में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ बेदखली सहित कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है। समुदाय अब विभाग के अगले कदमों का इंतजार कर रहा है।

क्यों मायने रखता है

जैसलमेर के संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में भूमि अतिक्रमण के खिलाफ तेज की गई कार्रवाई कानूनी स्वामित्व बनाए रखने, अवैध गतिविधियों को रोकने और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। यह अभियान अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसे मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है।

मुख्य तथ्य

  • Location: Bharewala region, Jaisalmer, Rajasthan
  • Issue: Alleged encroachment on government land near India-Pakistan border
  • Authority involved: Colonization Department, Tehsildar Mamta Gawan
  • Action taken: Hearings held, documents reviewed, old records scrutinized
  • Local representation: Villagers led by BJP leader and former Sarpanch
  • Outcome expected: Further action in cases with insufficient documentation, potential legal action and eviction

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