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यूरोपियन यूनियन ने असम के लिए यात्रा प्रतिबंध हटाया

Briovo· 20 Jun 2026, 10:57 pm IST
यूरोपियन यूनियन ने असम के लिए यात्रा प्रतिबंध हटाया

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि यूरोपीय संघ (EU) ने असम के लिए अपनी प्रतिबंधात्मक यात्रा सलाह हटा ली है। ऑस्ट्रेलिया और जापान द्वारा इसी तरह के कदमों के बाद, इस निर्णय से राज्य में पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलने और नए निवेश के अवसर खुलने की उम्मीद है। यह सलाह असम आंदोलन के कारण 1979 से लागू थी। हालांकि सामान्य सलाह हटा ली गई है, चरमपंथी गतिविधियों के कारण चराइदेव, डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया जिलों में प्रतिबंध जारी रहेंगे, जहां अशांत क्षेत्र अधिनियम और सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम अभी भी लागू हैं।

AI सारांश

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यूरोपियन यूनियन ने दशकों पुरानी यात्रा सलाह हटाई

यूरोपियन यूनियन ने असम जाने वाले अपने नागरिकों के लिए प्रतिबंधात्मक यात्रा सलाह को आधिकारिक तौर पर हटा दिया है, जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने की। यह महत्वपूर्ण निर्णय चार दशकों से अधिक समय तक लागू रहने के बाद आया है, जिसे मूल रूप से 1979 में असम आंदोलन और क्षेत्र में बाद के उग्रवाद के कारण लागू किया गया था।

पर्यटन और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री सरमा ने इस बात पर जोर दिया कि इस सलाह को हटाने से असम में पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलने और विदेशी निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जब किसी राज्य को विदेशी देशों द्वारा समस्याग्रस्त माना जाता है, तो उसे आर्थिक रूप से नुकसान होता है, जिससे निवेश और पर्यटकों के प्रवाह दोनों में बाधा आती है। राज्य स्थानीय आतिथ्य क्षेत्र को प्रोत्साहित करके इसका लाभ उठाने का लक्ष्य बना रहा है।

ऑस्ट्रेलिया और जापान के नक्शेकदम पर

यूरोपियन यूनियन का यह निर्णय ऑस्ट्रेलिया और जापान के समान कदमों के बाद आया है, जिन्होंने पहले असम के लिए अपनी यात्रा सलाह में संशोधन किया था। इन देशों ने फरवरी 2025 में 'एडवांटेज असम 2.0' कार्यक्रम की मेजबानी के बाद प्रतिबंध हटा दिए थे, जिसका उद्देश्य विदेशी निवेश आकर्षित करना था। यह प्रवृत्ति राज्य की बेहतर सुरक्षा स्थिति में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय विश्वास को दर्शाती है।

तीन जिलों में जारी रहेंगे प्रतिबंध

सलाह के सामान्य रूप से हटाए जाने के बावजूद, पूर्वी असम के तीन विशिष्ट जिलों: चराइदेव, डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया में यात्रा प्रतिबंध जारी रहेंगे। ये क्षेत्र अभी भी अशांत क्षेत्र अधिनियम और सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम के तहत काम कर रहे हैं, मुख्य रूप से चल रही चरमपंथी गतिविधियों और म्यांमार के सागाइंग डिवीजन से उनकी निकटता के कारण, जिसका उपयोग छिपने के स्थानों के रूप में किया जाता है।

राजनयिक संबंध और भविष्य की संभावनाएं

भारत में यूरोपियन यूनियन के राजदूत, हर्वे डेल्फिन ने असम के मुख्य सचिव रवि कोटा को यह निर्णय सूचित किया। मुख्यमंत्री सरमा ने जोर देकर कहा कि यह विकास, यूरोपीय संघ के राजनयिकों की हाल की यात्रा के साथ, असम में एक मजबूत विश्वास का प्रतीक है और यूरोपियन यूनियन तथा राज्य के बीच गहरे जुड़ाव का मार्ग प्रशस्त करता है, जिससे व्यापार और लोगों से लोगों के बीच संबंधों में सुधार होगा।

क्यों मायने रखता है

इस लंबे समय से चली आ रही यात्रा सलाह को हटाने से असम को अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों और निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और आकर्षक गंतव्य के रूप में फिर से स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे इसकी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और मजबूत अंतरराष्ट्रीय संबंध बनाने की क्षमता है। यह कदम क्षेत्र में बेहतर सुरक्षा और स्थिरता का प्रमाण है।

मुख्य तथ्य

  • Advisory lifted by: European Union
  • Impacts: 27 EU member countries
  • Restriction in place since: 1979
  • Exceptions (districts): Charaideo, Dibrugarh, Tinsukia
  • Other countries lifting restrictions: Australia, Japan

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