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देवीकोट भूमि हड़पने: ग्रामीणों ने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

Briovo· 02 Jul 2026, 10:23 am IST
देवीकोट भूमि हड़पने: ग्रामीणों ने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

राजस्थान के जैसलमेर जिले के देवीकोट गांव के निवासियों ने सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर व्यापक अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए उपखंड अधिकारी भरतराज गुर्जर को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी एनएच पर 100 गुणा 100 मीटर के एक भवन पर अवैध कब्जे, पटवार घर, भू अभिलेख निरीक्षक के भवन, बस स्टैंड, 1996 में बनी दुकानों, दोहली पेड़ पर 300 मीटर की पट्टाशुदा जमीन और सीआईडी कार्यालय पर अतिक्रमण का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि फुलासर तालाब में अतिक्रमण से जल संकट पैदा हो रहा है, और भूमि माफियाओं तथा अतिक्रमणकारियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई का आग्रह किया।

AI सारांश

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व्यापक अतिक्रमण की सूचना

देवीकोट गांव के निवासियों ने विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक जमीनों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण की सूचना दी है। इस मुद्दे ने उन्हें तत्काल हस्तक्षेप और समाधान की मांग करते हुए उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपने के लिए प्रेरित किया।

प्रमुख सार्वजनिक संपत्तियां प्रभावित

ज्ञापन में विशेष रूप से पीडब्ल्यूडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर 100 गुणा 100 मीटर के एक भवन पर अनधिकृत कब्जे को उजागर किया गया है। इसके अलावा, पटवार घर, भू अभिलेख निरीक्षक का भवन और स्थानीय बस स्टैंड भी इन अतिक्रमणों के शिकार हुए हैं।

ऐतिहासिक अतिक्रमण और नए खतरे

ग्रामीणों ने बताया कि 1996 में निर्मित दुकानें भी अब अवैध कब्जे के अधीन हैं। इसके अतिरिक्त, दोहली पेड़ पर 300 मीटर की पट्टाशुदा जमीन और सीआईडी कार्यालय पर भी अतिक्रमण किया गया है, जो एक लंबे समय से चली आ रही समस्या का संकेत देता है।

पर्यावरणीय प्रभाव: जल संकट

इन अतिक्रमणों का एक महत्वपूर्ण परिणाम स्थानीय पर्यावरण, विशेषकर फुलासर तालाब पर गंभीर प्रभाव है। तालाब के अंदर और आसपास के अवैध कब्जों ने सीधे तौर पर क्षेत्र में बढ़ते जल संकट में योगदान दिया है।

कानूनी कार्रवाई की मांग

चिंतित ग्रामीणों ने सभी अतिक्रमणों को तत्काल हटाने की सामूहिक मांग की है। उन्होंने अधिकारियों से पहचान किए गए भूमि माफियाओं और इन अवैध गतिविधियों में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया है।

क्यों मायने रखता है

सार्वजनिक और सरकारी भूमि पर व्यापक अतिक्रमण से न केवल अवैध कब्जा होता है, बल्कि पानी की कमी जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक मुद्दे भी पैदा होते हैं, जो ग्रामीणों कीP बुनियादी सुविधाओं और अधिकारों को प्रभावित करते हैं।

मुख्य तथ्य

  • Location: Devikot village, Jaisalmer, Rajasthan
  • Authority Approached: Sub-Divisional Magistrate Bharatraj Gurjar
  • Encroached Properties: PWD NH building, Patwar Ghar, Land Records Inspector's building, Bus stand, 1996-built shops, Dohli Ped leased land, CID office, Phulasar pond
  • Primary Issue: Land encroachment & water crisis
  • Action Demanded: Removal of encroachment & legal action

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