सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर उमर अब्दुल्ला ने केंद्र साधा निशाना, मनमोहन सरकार का…
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नीट-यूजी विवाद को लेकर सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर केंद्र सरकार की चुप्पी की आलोचना की है। अब्दुल्ला ने अन्ना हजारे के साथ यूपीए सरकार के जुड़ाव का हवाला देते हुए वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य के बावजूद बीजेपी की "पूरी असंवेदनशीलता" पर जोर दिया। जंतर-मंतर पर 19वें दिन से अनशन पर बैठे वांगचुक शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और नीट घोटाले के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। दिल्ली हाई कोर्ट में मेडिकल हस्तक्षेप की मांग वाली एक याचिका दायर की गई है, जबकि "कॉकरोच जनता पार्टी" विरोध प्रदर्शन का आयोजन कर रही है, केंद्र से जवाबदेही का आग्रह कर रही है।
AI सारांश
3 bulletsअब्दुल्ला ने केंद्र की चुप्पी पर साधा निशाना
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की सार्वजनिक रूप से आलोचना की। उनकी यह टिप्पणी कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के प्रति केंद्र की कथित निष्क्रियता के जवाब में आई।
भूख हड़तालों की प्रतिक्रियाओं की तुलना
अब्दुल्ला ने वर्तमान स्थिति और मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली पिछली यूपीए सरकार द्वारा अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से निपटने के बीच एक समानता खींची। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि यूपीए के मंत्रियों ने हजारे के साथ सक्रिय रूप से बातचीत की थी, जो वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य पर वर्तमान प्रशासन की चुप्पी के बिल्कुल विपरीत है।
सोनम वांगचुक की मांगें और स्वास्थ्य
सोनम वांगचुक नीट-यूजी पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए जवाबदेही की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर 19 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। नौ किलोग्राम से अधिक वजन कम करने के बावजूद, वांगचुक अपने विरोध प्रदर्शन में दृढ़ हैं।
कानूनी कार्रवाई और आयोजकों की दलील
वांगचुक के लिए तत्काल चिकित्सा हस्तक्षेप की मांग करते हुए, जिसमें उनके लंबे उपवास के कारण संभावित जबरन खिलाना भी शामिल है, दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है। इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा किया जा रहा है, जिसने केंद्र से बातचीत करने और इस मुद्दे को अहंकार का नहीं, बल्कि जवाबदेही का मुद्दा मानने का आग्रह किया है।
क्यों मायने रखता है
यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परीक्षा (नीट-यूजी) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ राजनीतिक आलोचना और सार्वजनिक विरोध को उजागर करती है, जिससे सरकारी जवाबदेही और छात्रों के लिए न्याय के बारे में चिंताएं बढ़ रही हैं।
मुख्य तथ्य
- •Wangchuk's fast duration: 19 days
- •Wangchuk's health: Lost over 9 kg
- •Protest location: Jantar Mantar, Delhi
- •Key demand: Union Education Minister's resignation
- •Political parallel: Manmohan Singh govt and Anna Hazare
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