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केजरीवाल ने NEET रीटेस्ट के लिए टेलीग्राम बैन को बताया ‘बेतुका’

Briovo· 17 Jun 2026, 10:51 pm IST
केजरीवाल ने NEET रीटेस्ट के लिए टेलीग्राम बैन को बताया ‘बेतुका’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर केंद्र सरकार के अस्थायी प्रतिबंध को "बेतुका कदम" बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार पेपर लीक से निपटने के लिए गंभीर नहीं है और प्रतीकात्मक उपायों का सहारा ले रही है। यह प्रतिबंध, 22 जून तक प्रभावी रहेगा, जिसे राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने परीक्षा से संबंधित धोखाधड़ी और गलत सूचनाओं को रोकने के लिए लागू किया है। केजरीवाल ने दावा किया कि पेपर लीक "हजारों करोड़" का रैकेट है जिसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, और ऐसे प्रतिबंधों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाया। Google और Apple को भी इस अवधि के दौरान टेलीग्राम को डीलिस्ट करने का निर्देश दिया गया है।

AI सारांश

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केजरीवाल ने टेलीग्राम बैन पर साधा निशाना

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को केंद्र सरकार के टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले लागू किए गए इस कदम को "बेतुका" और पेपर लीक के मूल मुद्दे को संबोधित करने के लिए अपर्याप्त बताया।

प्रतिबंध के पीछे केंद्र का तर्क

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने 22 जून तक टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया। यह कदम महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा से संबंधित धोखाधड़ी नेटवर्क और गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया था।

प्रणालीगत भ्रष्टाचार का आरोप

केजरीवाल ने आगे आरोप लगाया कि मोदी सरकार पेपर लीक को रोकने के लिए गंभीर नहीं है। उन्होंने दावा किया कि "हजारों करोड़" का पेपर लीक व्यापार राजनीतिक संरक्षण का आनंद लेता है और इससे उत्पन्न धन उच्च स्तर तक पहुंचता है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभाव

टेलीग्राम पर सीधे प्रतिबंध के अलावा, सरकार ने प्रमुख तकनीकी कंपनियों, Google और Apple को भी मैसेजिंग एप्लिकेशन को उनके संबंधित ऐप स्टोर से डीलिस्ट करने का निर्देश दिया है। यह डीलिस्टिंग 22 जून तक प्रभावी रहेगी, जो दोबारा परीक्षा की अवधि के साथ मेल खाती है।

NEET-UG की पृष्ठभूमि

NEET-UG 2026 परीक्षा, जो शुरू में 3 मई को आयोजित की गई थी, को व्यापक अनियमितताओं के आरोपों के कारण NTA द्वारा 12 मई को रद्द कर दिया गया था। इस रद्दीकरण से लाखों मेडिकल के इच्छुक छात्रों में महत्वपूर्ण अनिश्चितता और चिंता पैदा हुई, जिसके कारण 21 जून को दोबारा परीक्षा निर्धारित की गई।

क्यों मायने रखता है

NEET-UG रीटेस्ट से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध ने एक राजनीतिक बहस छेड़ दी है, जिससे पेपर लीक से निपटने के लिए सरकार के दृष्टिकोण और डिजिटल स्वतंत्रता के व्यापक प्रभावों के बारे में सवाल उठ रहे हैं। यह परीक्षा की अखंडता और भारत में पारदर्शिता के बारे में चल रही चिंताओं को उजागर करता है।

मुख्य तथ्य

  • Criticism: Delhi CM Arvind Kejriwal called the Telegram ban 'absurd'.
  • Reason for Ban: NTA imposed temporary Telegram restrictions to curb cheating for NEET-UG 2026 retest.
  • Ban Duration: Telegram restricted until June 22, 2026.
  • Kejriwal's Allegation: Paper leaks are a 'thousands of crores' racket with political protection.
  • Platform Action: Google and Apple directed to delist Telegram during the ban period.

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