बीजेपी ने दतिया उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उतारा, नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा
भाजपा ने मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को दरकिनार करते हुए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है। यह निर्णय दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की दोषसिद्धि पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज करने के बाद आया, जिनकी अयोग्यता के कारण यह उपचुनाव आवश्यक हो गया था। तिवारी, जो अपने आरएसएस पृष्ठभूमि के लिए जाने जाते हैं, पहले मध्य प्रदेश हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके हैं। तीन बार के विधायक मिश्रा 2023 के चुनावों में भारती से हार गए थे। उनके समर्थकों ने टिकट न दिए जाने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जो क्षेत्र में उनके लंबे समय के प्रभाव को दर्शाता है।
AI सारांश
3 bulletsभाजपा ने मिश्रा की जगह तिवारी को चुना
भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इस घोषणा ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के बारे में चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है, जिनके चुनाव लड़ने की व्यापक उम्मीद थी। इस निर्णय ने पार्टी के भीतर कई लोगों को आश्चर्यचकित किया है।
अयोग्यता के कारण उपचुनाव
दतिया में उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की अयोग्यता के बाद आवश्यक हो गया। 2015 के बैंक धोखाधड़ी मामले में उनकी दोषसिद्धि के बाद अप्रैल 2026 में उनकी विधायी सदस्यता रद्द कर दी गई थी। दिल्ली की एक विशेष सांसद/विधायक अदालत ने उन्हें तीन साल कैद की सजा सुनाई थी।
तिवारी की पृष्ठभूमि और प्रोफ़ाइल
आशुतोष तिवारी के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से गहरे संबंध हैं और उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के करीब माना जाता है। वह पहले मध्य प्रदेश हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड के अध्यक्ष पद पर रह चुके हैं, कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त करते हुए। उनके अनुभव में राज्य भाजपा इकाई में क्षेत्रीय सचिव (संगठन) के रूप में कार्य करना शामिल है।
मिश्रा समर्थकों का फैसले के खिलाफ विरोध
नरोत्तम मिश्रा को टिकट न दिए जाने से दतिया में उनके समर्थकों द्वारा प्रदर्शन किए गए। उन्होंने राज्य भाजपा नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाए, और स्थानीय व्यापारियों ने उम्मीदवार चयन पर पुनर्विचार न होने पर बाजार बंद करने की धमकी भी दी। मिश्रा, एक प्रमुख ब्राह्मण नेता, कई वर्षों से इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक शक्ति रहे हैं।
उम्मीदवारी पर आंतरिक पार्टी अंतर्दृष्टि
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय स्थानीय प्रतिक्रिया पर आधारित था, जिसमें मिश्रा के पिछले चुनावों में जीत के अंतर में गिरावट का हवाला दिया गया। यह चिंता भी थी कि उनकी जीत से कैबिनेट पद की उनकी आकांक्षा हो सकती है, जिससे अन्य वरिष्ठ नेताओं को परेशानी हो सकती है। कांग्रेस पार्टी ने अभी तक उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।
क्यों मायने रखता है
यह निर्णय भाजपा की आंतरिक गतिशीलता और एक महत्वपूर्ण उपचुनाव के लिए रणनीति को दर्शाता है, जो क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों और पार्टी के भीतर भविष्य की नेतृत्व भूमिकाओं को प्रभावित कर सकता है। यह स्थापित नेताओं के प्रति पार्टी के दृष्टिकोण में बदलाव का भी संकेत देता है।
मुख्य तथ्य
- •Datia byelection date: July 30 (polling), August 3 (counting)
- •BJP Candidate: Ashutosh Tiwari
- •Denied ticket: Narottam Mishra
- •Reason for bypoll: Disqualification of Congress MLA Rajendra Bharti
- •Rajendra Bharti's conviction: Bank fraud case, 3-year sentence
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…