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गहलोत ने शाह से सीमाई धार्मिक स्थलों के ध्वस्तीकरण पर सवाल उठाए

Briovo· 22 Jun 2026, 07:15 pm IST6
गहलोत ने शाह से सीमाई धार्मिक स्थलों के ध्वस्तीकरण पर सवाल उठाए

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पाकिस्तान से सटे सीमाई इलाकों में मुस्लिम धार्मिक स्थलों के ध्वस्तीकरण पर चिंता जताई है, इन कार्रवाइयों को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हालिया बीकानेर यात्रा से जोड़ा है। गहलोत ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने की आड़ में हो रहे ये ध्वस्तीकरण, दशकों पुराने ऐतिहासिक स्थलों को भी निशाना बना रहे हैं और इनका उद्देश्य राजनीतिक ध्रुवीकरण पैदा करना तथा सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ना है। उन्होंने इन कार्रवाइयों पर तत्काल रोक लगाने का आह्वान किया है और गृह मंत्रालय से अपना रुख स्पष्ट करने का आग्रह किया है, इन विविध सीमाई क्षेत्रों में ऐतिहासिक सांप्रदायिक सद्भाव पर जोर दिया है। स्थानीय हिंदू कथित तौर पर इन प्रशासनिक कार्रवाइयों का विरोध कर रहे हैं।

AI सारांश

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गहलोत ने ध्वस्तीकरण में राजनीतिक मकसद का आरोप लगाया

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार पर राजस्थान के सीमाई इलाकों में मुस्लिम धार्मिक स्थलों को गिराने का आरोप लगाया है। उन्होंने इन कार्रवाइयों को मई में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बीकानेर यात्रा से जोड़ा है, यह सुझाव देते हुए कि ये अतिक्रमण हटाने के बहाने राजनीतिक ध्रुवीकरण पैदा करने के मकसद से हो रही हैं। गहलोत का दावा है कि इस चल रही कार्रवाई में दशकों पुराने ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाया जा रहा है।

सीमाई शांति के बीच एक समुदाय को निशाना बनाना

गहलोत ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ये ध्वस्तीकरण एक ऐतिहासिक रूप से शांतिपूर्ण सीमाई क्षेत्र में विशेष रूप से एक धर्म को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस 'दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई' ने स्थानीय आबादी के बीच तीव्र रोष पैदा किया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने इन कृत्यों की निंदा की, रिपोर्ट किए गए ध्वस्तीकरण के पीछे के वास्तविक इरादे पर सवाल उठाया।

तत्काल रोक और गृह मंत्रालय के स्पष्टीकरण की मांग

कांग्रेस नेता ने इन ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने गृह मंत्रालय (एमएचए) से इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया। गहलोत ने सीमाई क्षेत्रों में शांति, सद्भाव और सुरक्षा बनाए रखने की एमएचए की संवैधानिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।

ऐतिहासिक सद्भाव और स्थानीयF विरोध

गहलोत ने राजस्थान के सीमाई क्षेत्रों में लंबे समय से चले आ रहे सांप्रदायिक सद्भाव पर जोर दिया, यह कहते हुए कि विविध धार्मिक आबादी के बावजूद, कभी भी सांप्रदायिक तनाव नहीं रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि स्थानीय हिंदू इन 'एकतरफा प्रशासनिक कार्रवाइयों' का मुखर विरोध कर रहे हैं, जिसे उन्होंने वहां व्याप्त गहरे सांप्रदायिक सद्भाव का एक अनूठा उदाहरण बताया। उन्होंने आगे कहा कि पूजा स्थल समाज के सभी वर्गों के बीच गहरी श्रद्धा रखते हैं।

क्यों मायने रखता है

यदि सीमाई क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने के आरोप सही हैं, तो इससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है और संवेदनशील क्षेत्रों में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने तथा संवैधानिक जिम्मेदारियों के प्रति सरकार के दृष्टिकोण पर सवाल उठ सकते हैं।

मुख्य तथ्य

  • Allegation Source: Former Rajasthan CM Ashok Gehlot
  • Targeted Sites: Muslim religious sites in Rajasthan border areas
  • Alleged Motivation: Political polarization and disruption of social fabric
  • Triggering Event: Union Home Minister Amit Shah's Bikaner visit in May
  • Current Status: Gehlot demands immediate halt and MHA clarification

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