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दार्जिलिंग में 20 दिन में बना दूधिया बेली ब्रिज, कनेक्टिविटी को मिली रफ्तार

Briovo· 09 Jul 2026, 03:30 am IST
दार्जिलिंग में 20 दिन में बना दूधिया बेली ब्रिज, कनेक्टिविटी को मिली रफ्तार

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बालासन नदी पर 20 दिनों में बने दूधिया बेली ब्रिज का वर्चुअल उद्घाटन किया। भारतीय सेना, पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से निर्मित इस पुल ने पुराने पुल के बाढ़ में बह जाने के बाद दूधिया, मिरिक और दार्जिलिंग को फिर से जोड़ दिया है। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रतिक्रिया टीम, राहत कार्यों के आधुनिकीकरण और पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की भी घोषणा की। दार्जिलिंग के लिए नई सड़क परियोजनाएं और अग्निवीर बल का गठन भी कनेक्टिविटी, आपदा प्रबंधन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा।

AI सारांश

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तेजी से पुल निर्माण ने बहाल की कनेक्टिविटी

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बालासन नदी पर बने दूधिया बेली ब्रिज का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह महत्वपूर्ण पुल रिकॉर्ड 20 दिनों में बनकर तैयार हो गया, जिसने उत्तरी बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों में हाल की प्राकृतिक आपदाओं में पुराने पुल के बह जाने के बाद दूधिया, मिरिक और दार्जिलिंग के बीच महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी बहाल की। तेजी से पूरा हुआ यह कार्य आपातकालीन बुनियादी ढांचे की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक समन्वित प्रयास को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने संयुक्त प्रयासों की सराहना की

मुख्यमंत्री अधिकारी ने भारतीय सेना की त्रिशक्ति कोर, राज्य लोक निर्माण विभाग और दार्जिलिंग जिला प्रशासन के सहयोगात्मक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस उपलब्धि को आपदा के दौरान त्वरित समन्वय और प्रभावी प्रशासन का एक अनुकरणीय उदाहरण बताया। दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट ने भी सरकार कीM तेजी और सेना के योगदान की प्रशंसा की।

आपदा प्रबंधन के लिए नई पहल

बार-बार आने वाली प्राकृतिक आपदाओं के जवाब में, मुख्यमंत्री अधिकारी ने पहाड़ी क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की। इनमें एक स्थायी बचाव और राहत दल का गठन, बचाव कार्यों में आधुनिक तकनीक का बढ़ा हुआ उपयोग, और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना शामिल है। इन उपायों का उद्देश्य आपदा प्रतिक्रिया के लिए एक अधिक लचीला बुनियादी ढांचा तैयार करना है।

दार्जिलिंग के लिए बुनियादी ढांचा विकास

मुख्यमंत्री ने दार्जिलिंग की लंबे समय से चली आ रही यातायात समस्याओं को दूर करने के लिए एक नई सर्कुलर रोड को भी मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने दार्जिलिंग के लिए एक वैकल्पिक राजमार्ग परियोजना पर तेजी से काम किए जाने की जानकारी दी। सार्वजनिक निर्माण विभाग अब रोहिणी रोड के रखरखाव और उन्नयन के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

राज्य सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से दार्जिलिंग और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी। यह बेहतर बुनियादी ढांचा आपदाओं के दौरान तेजी से राहत और बचाव कार्यों को सुविधाजनक बनाएगा और पर्यटन तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक नई गति प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के आगामी दौरे के दौरान और अधिक विकास परियोजनाओं की घोषणा करने का भी संकेत दिया।

क्यों मायने रखता है

दूधिया बेली ब्रिज का तेजी से निर्माण और उद्घाटन दार्जिलिंग पहाड़ियों में कनेक्टिविटी को मजबूत करता है, जो निवासियों, पर्यटकों और आपातकालीन सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए की गई घोषणाओं के साथ यह पहल, भूस्खलन-प्रवण क्षेत्र में लचीलापन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

मुख्य तथ्य

  • Completion Time: 20 days
  • River: Balason River
  • Location: Dudhia, connecting Mirik and Darjeeling
  • Inauguration Mode: Virtual by CM Suvendu Adhikari
  • Collaborating Agencies: Indian Army (Trishakti Corps), State PWD, Darjeeling District Administration
  • Future Plans: Permanent disaster response team, new circular road for Darjeeling, 'Agniveer' force

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