हनुमान सिंह राठौड़ बने RBSE के नए अध्यक्ष
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) को चार साल बाद नया अध्यक्ष मिला है। हनुमान सिंह राठौड़ को तीन साल के लिए अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पूर्व अध्यक्ष प्रो. डी.पी. जारोली को REET पेपर लीक मामले में बर्खास्त किया गया था। राठौड़, जो एक शिक्षाविद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय कार्यकारी रह चुके हैं, का लक्ष्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति और भारतीय संस्कृति के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करना है। उनकी जिम्मेदारियों में परीक्षाएं आयोजित करना, पाठ्यक्रम विकसित करना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना शामिल है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व से बोर्ड के कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता आएगी।
AI सारांश
3 bulletsचार साल का इंतज़ार खत्म
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) को चार साल के लंबे अंतराल के बाद आखिरकार हनुमान सिंह राठौड़ के रूप में नया स्थायी अध्यक्ष मिल गया है। यह पद जनवरी 2022 से खाली था, जब तत्कालीन अध्यक्ष प्रो. डी.पी. जारोली को REET पेपर लीक मामले में उनकी कथित संलिप्तता के बाद बर्खास्त कर दिया गया था। इस अवधि के दौरान, बोर्ड का प्रबंधन IAS प्रशासकों द्वारा किया जा रहा था, जो मुख्य रूप से 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं की देखरेख करते थे।
हनुमान सिंह राठौड़ का परिचय
हनुमान सिंह राठौड़, जो मूल रूप से पीसांगन के रहने वाले एक सम्मानित शिक्षाविद हैं, को तीन साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया है। उन्होंने 2018 में स्कूल सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के क्षेत्रीय कार्यकारी के रूप में कार्य किया है। राठौड़ एक कुशल लेखक भी हैं, जिन्होंने पर्यावरण और स्कूल शिक्षा सहित विभिन्न विषयों पर 30 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं, और उनका 1984 से एक स्कूल शिक्षक के रूप में समृद्ध अनुभव है।
प्रमुख चुनौतियाँ और प्राथमिकताएँ
राठौड़ को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें 2026-27 सत्र से 10वीं कक्षा के लिए दो परीक्षाएं लागू करना और 10वीं और 12वीं कक्षा के मौजूदा पाठ्यक्रमों में नवाचार करना शामिल है। उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और भारतीय कला और संस्कृति के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करना होगा, जिसमें बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों के साथ सहयोग किया जाएगा। वह बोर्ड द्वारा रचनात्मक प्रतियोगिताओं को बढ़ाने और इसके वित्तीय संसाधनों में वृद्धि करने की भी योजना बना रहे हैं, साथ ही संभावित रूप से भविष्य की REET परीक्षाओं को भी संभालेंगे।
प्रभाव और भविष्य की दिशा
शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि राठौड़ की नियुक्ति से बोर्ड के कामकाज में अधिक पारदर्शिता और दक्षता आएगी। उनके नेतृत्व से परीक्षा संचालन, पाठ्यक्रम विकास, मूल्यांकन प्रणालियों और समग्र शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। राठौड़ ने बोर्ड और शिक्षकों के बीच संबंधों को संतुलित करने और बौद्धिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है, जिससे शैक्षिकI शासन के लिए एक समग्र दृष्टिकोण सुनिश्चित हो सके।
क्यों मायने रखता है
चार साल बाद स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण है ताकि पाठ्यक्रम विकास और परीक्षा संचालन सहित लंबित शैक्षणिक और प्रशासनिक सुधारों को संबोधित किया जा सके, जिससे राजस्थान में शिक्षा प्रणाली का कुशल और पारदर्शी कामकाज सुनिश्चित हो सके।
मुख्य तथ्य
- •New Chairman: Hanuman Singh Rathore
- •Term Duration: 3 years
- •Previous Chairman's Dismissal: January 2022 due to REET paper leak
- •Board Chairman Vacancy: 4 years
- •Rathore's Background: Educationist, former RSS regional executive, author of over 30 books
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