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जापानी महिला ने 5600 KM का सफर तय कर बागेश्वर में पति की अंतिम इच्छा पूरी की

Briovo· 10 Aug 2026, 01:31 am IST
जापानी महिला ने 5600 KM का सफर तय कर बागेश्वर में पति की अंतिम इच्छा पूरी की

जापान की मियाको केटलेट अपने अमेरिकी पति रॉबर्ट केटलेट की अस्थियां विसर्जित करने के लिए 5600 किलोमीटर का सफर तय कर उत्तराखंड के बागेश्वर पहुंचीं। रॉबर्ट, जो एक अंग्रेजी प्रोफेसर थे, 2007 में मियाको के साथ पहली बार बागेश्वर आए थे और यहां की प्राकृतिक सुंदरता से उनका गहरा जुड़ाव हो गया था। 2022 में लंबी बीमारी के बाद उनके निधन से पहले, उनकी अंतिम इच्छा सरयू नदी में अस्थियां प्रवाहित करने की थी। मियाको ने एक जापानी धर्मगुरु द्वारा अनुष्ठान करवाए और यह इच्छा पूरी की। यह घटना हरिद्वार जैसे पारंपरिक स्थलों से परे बागेश्वर के बढ़ते आध्यात्मिक महत्व को दर्शाती है।

AI सारांश

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अंतिम इच्छा पूरी करने की लंबी यात्रा

जापानी महिला मियाको केटलेट ने अपने दिवंगत अमेरिकी पति रॉबर्ट केटलेट की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए 5600 किलोमीटर की उल्लेखनीय यात्रा कर उत्तराखंड के बागेश्वर पहुंचीं। उनका एकमात्र उद्देश्य रॉबर्ट की अस्थियों को पवित्र सरयू नदी में विसर्जित करना था। यह भक्ति का कार्य अपनी मातृभूमि से दूर एक स्थान के प्रति गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।

बागेश्वर से रॉबर्ट का जुड़ाव

रॉबर्ट केटलेट, जो पेशे से एक अंग्रेजी प्रोफेसर थे, पहली बार 2007 में अपनी पत्नी मियाको के साथ बागेश्वर आए थे। अपनी यात्रा के दौरान, वे इस क्षेत्र की प्राकृतिक भव्यता से गहराई से मोहित हो गए और सरयू नदी के साथ एक मजबूत भावनात्मक संबंध विकसित किया। इस व्यक्तिगत जुड़ाव के कारण उनकी अस्थियों को वहीं विसर्जित करने की अंतिम इच्छा थी।

अंतिम संस्कार का निष्पादन

रॉबर्ट केटलेट का 2022 में लंबी बीमारी से जूझने के बाद निधन हो गया, उन्होंने अपनी अंतिम इच्छा छोड़ी थी। कई वर्षों बाद, मियाको बागेश्वर पहुंचीं, जहाँ एक जापानी धर्मगुरु ने आवश्यक अनुष्ठान किए और मंत्रोच्चारण किया। पारंपरिक रीति-रिवाजों के बाद, मियाको ने अपने पति की अस्थियों को सरयू के पवित्र जल में विसर्जित किया।

बागेश्वर का बढ़ता आध्यात्मिक महत्व

जबकि हरिद्वार पारंपरिक रूप से अस्थि विसर्जन के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में प्रसिद्ध है, बागेश्वर आध्यात्मिक शांति के लिए एक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। यह घटना, जिसमें अंतरराष्ट्रीय आगंतुक शामिल हैं, भारत और विदेश दोनों में विविध पृष्ठभूमि के लोगों के लिए सरयू नदी और बागेश्वर के बढ़ते आकर्षण को रेखांकित करती है। यह क्षेत्र के आध्यात्मिक पर्यटन में एक नए अध्याय का संकेत देता है।

क्यों मायने रखता है

यह कहानी प्रेम और आध्यात्मिक स्थलों से व्यक्तिगत जुड़ाव की स्थायी शक्ति को उजागर करती है, भले ही भौगोलिक और सांस्कृतिक दूरियां कितनी भी हों। यह बागेश्वर के पवित्र स्थल के रूप में अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों के लिए बढ़ते आकर्षण को रेखांकित करता है, जो इसकी पारंपरिक पहचान से आगे बढ़ रहा है।

मुख्य तथ्य

  • Distance Traveled: 5600 kilometers
  • Individuals Involved: Miyako Catlett (Japanese wife), Robert Catlett (American husband)
  • Location of Immersion: Saryu River, Bageshwar, Uttarakhand
  • Year of First Visit: 2007 (Robert and Miyako)
  • Year of Robert's Demise: 2022
  • Robert's Profession: English Professor

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