राज्यसभा सांसद ने "लुंगी वाला" टिप्पणी का लगाया आरोप
सीपीआईएम सांसद जॉन ब्रिटास ने राज्यसभा में उन्हें "लुंगी वाला" कहे जाने का आरोप लगाया, जिससे संसदीय गरिमा पर चिंताएं बढ़ गईं। उन्होंने दक्षिण भारतीय और मलयाली होने पर गर्व व्यक्त किया और भारत की विविधता पर जोर दिया। सभापति (उपराष्ट्रपति) ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सदस्यों को क्षेत्रीय पहचान का सम्मान करने और अपमानजनक टिप्पणी से बचने की सलाह दी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभापति को दोनों पक्षों को सुनने का सुझाव दिया। सभापति ने संबंधित सदस्यों से मिलकर मामले को सुलझाने का संकल्प लिया, उन्होंने बताया कि उनके संज्ञान में अनुचित टिप्पणियों के कई मामले आए हैं।
AI सारांश
3 bulletsसीपीआईएम सांसद का आरोप
सीपीआईएम के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने बुधवार को आरोप लगाया कि सदन के सत्र के दौरान एक अन्य सदस्य ने उन्हें बार-बार 'लुंगी वाला' कहकर संबोधित किया। ब्रिटास ने इस टिप्पणी पर गहरी आपत्ति व्यक्त की, इसे सदन की गरिमा और सम्मान का अपमान बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा किसी एक दल का नहीं, बल्कि सभी दलों से जुड़ा है, और उन्होंने इसे भारी मन से उठाया।
पहचान पर गर्व
ब्रिटास ने गर्व से खुद को एक भारतीय, एक दक्षिण भारतीय और एक मलयाली के रूप में पहचाना, यह दावा करते हुए कि भारतीय संविधान देश की विविधता का सम्मान करता है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह विविधता भारत की अनूठी एकता के लिए महत्वपूर्ण है। सभापति ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सभी सदस्य मुख्य रूप से भारतीय हैं, लेकिन ब्रिटास ने अपनी भाषा, संस्कृति, भोजन और पहनावे पर अपना गर्व बनाए रखा।
सभापति की कड़ी फटकार
राज्यसभा सभापति (उपराष्ट्रपति) ने घटना पर नाराजगी व्यक्त की और सभी सदस्यों को एक-दूसरे की भावनाओं और क्षेत्रीय पहचान का सम्मान करने की कड़ी सलाह दी। उन्होंने कहा कि भाषणों के दौरान अपमानजनक और अशोभनीय टिप्पणियों के कई मामले उनके संज्ञान में आए हैं। सभापति ने जोर देकर कहा कि भारत की अनूठी संस्कृति विभिन्न क्षेत्रीय संस्कृतियों का मिश्रण है, और किसी भी सदस्य की सांस्कृतिक परंपराओं का अनादर नहीं किया जाना चाहिए।
मंत्री का हस्तक्षेप और समाधान
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभापति से अपील की कि वे संबंधित सदस्य को बुलाकर दोनों पक्षों की बात सुनें और फिर उचित निर्णय लें। इसके बाद, सभापति ने स्पष्ट किया कि वह व्यक्तिगत रूप से इस मामले को सुलझाएंगे। उन्होंने घोषणा की कि वे जल्द ही संबंधित सदस्यों को अपने कक्ष में बुलाकर इस मुद्दे को हल करेंगे, ताकि मर्यादा बनी रहे।
क्यों मायने रखता है
यह घटना भारतीय संसद के भीतर मर्यादा और क्षेत्रीय विविधता के सम्मान को लेकर चिंताओं को उजागर करती है। ऐसी टिप्पणियाँ संस्था की गरिमा को कम कर सकती हैं और विविध पहचानों का सम्मान करने में व्यापक सामाजिक चुनौतियों को दर्शाती हैं। सभापति का हस्तक्षेप जन प्रतिनिधियों के बीच शालीनता और आपसी सम्मान बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
मुख्य तथ्य
- •MP's Allegation: CPI(M) MP John Brittas was called 'Lungi Wala'.
- •Location: Rajya Sabha, Indian Parliament.
- •Chairman's Stance: Expressed displeasure, advised respect for diversity.
- •Minister's Suggestion: Kiren Rijiju suggested hearing both sides.
- •Resolution Plan: Chairman to meet concerned members soon.
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