ममता बनर्जी ने तृणमूल विधायकों के खिलाफ पुलिस जबरदस्ती का आरोप लगाया

तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने पुलिस, स्थानीय आईसी और एसपी पर पार्टी विधायकों को धमकाने और मजबूर करने का आरोप लगाया, जिससे वे पार्टी की बैठकों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं और उन पर दल-बदल का दबाव डाला जा रहा है। यह आरोप 31 मई, 2026 को हुई एक पार्टी बैठक में 80 में से केवल 20 तृणमूल विधायकों के शामिल होने से बैठक रद्द होने के बाद सामने आया। बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा इन धमकियों के पीछे है, जिसका उद्देश्य पार्टी को अस्थिर करना है, और उन्होंने 177 सीटों पर व्यापक धांधली का भी आरोप लगाया। पार्टी के कोलकाता में निर्धारित विरोध प्रदर्शन को भी पुलिस की अनुमति नहीं मिली।
क्यों मायने रखता है
यह मुद्दा चुनाव के दौरान कथित राजनीतिक धमकी और राज्य मशीनरी के दुरुपयोग को उजागर करता है, जो लोकतांत्रिक सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। यह यूपीएससी/एसएससी परीक्षाओं के लिए राजनीति और शासन के तहत प्रासंगिक है, विशेष रूप से चुनावी प्रथाओं, राजनीतिक नैतिकता और कानून प्रवर्तन आचरण से संबंधित है।
मुख्य तथ्य
- •Date of Mamata's statement: June 1, 2026
- •Date of cancelled TMC meeting: May 31, 2026
- •Total Trinamool MLAs: 80
- •MLAs who attended meeting: 20
- •Number of seats BJP allegedly rigged: 177
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