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गडकरी, सीएम शर्मा, लोकसभा अध्यक्ष ने किया दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे खंड का निरीक्षण

Briovo· 08 Jul 2026, 06:28 am IST
गडकरी, सीएम शर्मा, लोकसभा अध्यक्ष ने किया दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे खंड का निरीक्षण

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लबान इंटरचेंज से दरा टनल तक निर्माण कार्य और सड़क की स्थिति का निरीक्षण किया। दरा टनल परियोजना में गड्ढों और देरी की खबरों के बीच यह निरीक्षण किया गया। टनल का काम चार साल में छह बार बढ़ चुका है, जिससे लागत ₹100 करोड़ बढ़ गई है। राजस्थान पत्रिका ने एक्सप्रेसवे की दुर्दशा और टनल में देरी को उजागर किया था, जिसके बाद बिरला ने गडकरी से कार्रवाई का आग्रह किया था। इस प्रतिनिधिमंडल में राज्य मंत्री भी शामिल थे।

AI सारांश

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एक्सप्रेसवे का उच्च-स्तरीय निरीक्षण

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का संयुक्त निरीक्षण किया। उनका ध्यान लबान इंटरचेंज से दरा टनल तक के खंड पर था, जहां उन्होंने चल रहे निर्माण और सड़क की समग्र स्थिति का आकलन किया। यह दौरा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना की गुणवत्ता और प्रगति के संबंध में सार्वजनिक चिंताओं के बाद हुआ है।

दरा टनल में महत्वपूर्ण देरी

एक्सप्रेसवे का एक महत्वपूर्ण घटक, दरा टनल परियोजना में काफी देरी हुई है, जिसकी पूर्णता की समय-सीमा पिछले चार वर्षों में छह बार बढ़ाई गई है। इन बार-बार की देरी के कारण ₹100 करोड़ का महत्वपूर्ण लागत-विस्तार हुआ है। धीमी प्रगति ने यात्रियों को असुविधा पहुंचाई है और परियोजना प्रबंधन के बारे में सवाल उठाए हैं।

एक्सप्रेसवे निर्माण दोषों को संबोधित करना

यह निरीक्षण मीडिया रिपोर्टों, विशेष रूप से राजस्थान पत्रिका द्वारा, एक्सप्रेसवे की खराब स्थिति को उजागर करने के बाद हुआ है, जिसमें गड्ढे, क्षतिग्रस्त रेलिंग और अनुचित जल निकासी प्रणाली शामिल हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पहले भी इन मुद्दों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की थी और केंद्रीय मंत्री गडकरी से सुधारात्मक उपाय करने का आग्रह किया था। निर्माण में काली और चिकनी मिट्टी के उपयोग को भी सड़क के बिगड़ने का एक कारण बताया गया।

पिछले वादे और अधूरी परियोजनाएं

नौ साल पहले, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कोटा में चंबल नदी पर सी-प्लेन चलाने की योजना की घोषणा की थी ताकि इसे एक राष्ट्रीय जलमार्ग से जोड़ा जा सके। हालांकि, यह महत्वाकांक्षी परियोजना अभी तक मूर्तरूप नहीं ले पाई है, और आज तक कोई प्रगति नहीं हुई है। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने पुष्टि की है कि राजस्थान में चंबल नदी के लिए ऐसी कोई विकास गतिविधि जारी नहीं है और न ही प्रस्तावित है।

क्यों मायने रखता है

यह निरीक्षण एक प्रमुख राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा परियोजना पर महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित करता है, जिसमें निर्माण में देरी, लागत में वृद्धि और सुरक्षा संबंधी चिंताएं शामिल हैं। केंद्रीय और राज्य नेताओं का यह उच्च-स्तरीय दौरा सड़क अवसंरचना में सुधार और दैनिक यात्रियों और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित करने वाली लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को हल करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

मुख्य तथ्य

  • Inspected stretch: Laban Interchange to Dara Tunnel, Delhi-Mumbai Expressway
  • Key officials present: Nitin Gadkari, Bhajanlal Sharma, Om Birla
  • Dara Tunnel delays: 6 extensions in 4 years
  • Dara Tunnel cost overrun: ₹100 crore
  • Media role: Rajasthan Patrika highlighted issues

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