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गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

Briovo· 02 Jun 2026
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

मुस्लिम धर्मगुरुओं, जिनमें जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी और पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी शामिल हैं, द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग के बाद भाजपा नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। यह मांग मॉब लिंचिंग और धार्मिक राजनीति रोकने के उद्देश्य से की गई थी। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टिप्पणी की कि गाय पहले से ही माता है, इसलिए किसी आधिकारिक घोषणा की आवश्यकता नहीं है। यह बहस पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार द्वारा 13 मई को पशु वध के लिए आधिकारिक अनुमति अनिवार्य करने के नए नियमों को लागू करने के बाद तेज हुई, जिसे कलकत्ता उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई, जिसने सरकार के फैसले को बरकरार रखा।

क्यों मायने रखता है

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की बहस पशु कल्याण, धार्मिक भावनाओं और कानून-व्यवस्था पर उनके प्रभाव जैसे मुद्दों को छूती है। यूपीएससी/एसएससी के लिए, यह राजनीति (केंद्र-राज्य संबंध, मौलिक अधिकारों के निहितार्थ), समाज (सांप्रदायिक सद्भाव), और शासन (राष्ट्रीय पशु के दर्जे के कानूनी निहितार्थ) से संबंधित है।

मुख्य तथ्य

  • Demand Initiator (Muslim Clerics): Jamiat Ulema-e-Hind chief Arshad Madani
  • Former Vice President supporting the demand: Hamid Ansari
  • Union Minister's Stance: Arjun Ram Meghwal (no proposal under consideration)
  • UP CM's Stance: Yogi Adityanath (cow is already a mother)
  • West Bengal New Cattle Rules Date: May 13
  • Calcutta High Court Decision: Upheld West Bengal government's decision on cattle slaughter rules

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