अजमेर जेल: 2 कैदियों को अवैध रूप से बाहर ले जाने पर जेलर और प्रहरी पर FIR
अजमेर केंद्रीय कारागार के महिला सुधार गृह की तत्कालीन प्रभारी जेलर दिव्या चौधरी और महिला प्रहरी सोनिया चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन पर 12 जुलाई को नियमों का उल्लंघन करते हुए दो महिला कैदियों को जेल परिसर से बाहर ले जाने का आरोप है। पत्रिका अखबार ने 14 जुलाई को इस घटना का खुलासा किया था, जिसके बाद अधिकारियों को निलंबित और स्थानांतरित कर दिया गया। जेल प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि कैदियों को किस उद्देश्य से बाहर ले जाया गया और इसमें किन अन्य अधिकारियों की भूमिका थी। बाहर ले जाई गई कैदी किरण (हत्या के मामले में दोषी) और सना अहमद (विचाराधीन बंदी) थीं।
AI सारांश
3 bulletsअवैध रिहाई का आरोप
अजमेर केंद्रीय कारागार की तत्कालीन प्रभारी जेलर दिव्या चौधरी और महिला प्रहरी सोनिया चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन पर 12 जुलाई को महिला सुधार गृह से दो महिला कैदियों को नियमों का उल्लंघन करते हुए और अन्य प्रहरियों के विरोध के बावजूद अवैध रूप से बाहर ले जाने का आरोप है। यह शिकायत जयपुर कारागार महानिदेशालय के आदेश के बाद जेल प्रशासन द्वारा दर्ज की गई है।
मीडिया खुलासा और आधिकारिक कार्रवाई
यह घटना 14 जुलाई को पत्रिका अखबार में 'महिला सुधार गृह से 2 बंदियों को नियम विरुद्ध बाहर ले गईं जेलर' शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद सामने आई। इस खुलासे के बाद, 15 जुलाई को दोनों अधिकारियों को महिला सुधार गृह से हटाकर जयपुर मुख्यालय तलब कर लिया गया। इसके बाद डीजी (जेल) अशोक राठौड़ ने उन्हें निलंबित करते हुए केंद्रीय कारागार बीकानेर और जोधपुर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था।
आपराधिक मामला दर्ज
4 अगस्त को जयपुर कारागार महानिदेशालय के आदेश के पालन में, 5 अगस्त को केंद्रीय कारागार अधीक्षक ने सिविल लाइंस थाने में लिखित रिपोर्ट भेजी। इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी अधिकारियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 260(क), 260(ख) और 61(2) के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है। जांच एएसआई मनोज मीणा को सौंप दी गई है।
कैदियों की पहचान
जेल से अवैध रूप से बाहर ले जाई गई दो महिला कैदियों की पहचान कर ली गई है। इनमें से एक भीनाय के उदयगढ़ खेड़ा की किरण है, जो हत्या के मामले में दोषी है। दूसरी विचाराधीन बंदी डीडवाना-कुचामन के मकराना गोडाबास की सना अहमद है।
जारी जांच
पुलिस जांच अब इस बात पर केंद्रित होगी कि महिला कैदियों को किस विशिष्ट उद्देश्य से जेल परिसर से बाहर ले जाया गया था। अधिकारी यह भी पता लगाएंगे कि क्या इस कार्रवाई के लिए उचित अनुमति प्राप्त की गई थी और इस पूरी घटना में शामिल सभी अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान की जाएगी। जेल प्रशासन की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कार्रवाई अवैध और प्रक्रियाओं का उल्लंघन थी।
क्यों मायने रखता है
कैदियों की अवैध आवाजाही जेल सुरक्षा और स्थापित प्रोटोकॉल के पालन के बारे में गंभीर सवाल खड़े करती है, जिससे सुधारात्मक प्रणाली के भीतर अधिकार के संभावित दुरुपयोग का पता चलता है।
मुख्य तथ्य
- •Incident Date: July 12
- •FIR Date: August 5
- •Officials Booked: Jailer Divya Chaudhary, Guard Sonia Chaudhary
- •Charges: Violating BNS sections 260(A), 260(B), 61(2)
- •Inmates Taken Out: Kiran (murder convict), Sana Ahmed (under-trial)
- •First Reported By: Patrika newspaper on July 14
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