पासपोर्ट रैंकिंग और शिक्षा व्यवस्था पर कांग्रेस का केंद्र पर हमला
कांग्रेस पार्टी ने भारत की गिरती वैश्विक पासपोर्ट रैंकिंग और शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पासपोर्ट रैंकिंग 2013 में 74वें स्थान से गिरकर 2026 में 80वें या 125वें स्थान (सूचकांक के आधार पर) पर आ गई है। उन्होंने पासपोर्ट शुल्क में वृद्धि और महामारी के बाद विदेशी पर्यटकों के आगमन में कमी पर भी प्रकाश डाला। वहीं, कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था "आईसीयू" में है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कथित पेपर लीक घोटालों से जुड़े होने के आरोप में इस्तीफे की मांग करते हुए व्यापक सुधारों का आह्वान किया।
AI सारांश
3 bulletsपासपोर्ट रैंकिंग में गिरावट पर आलोचना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने वैश्विक पासपोर्ट सूचकांक में भारत की स्थिति को लेकर मोदी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने 2013 में 74वें स्थान से गिरकर 2026 में 80वें या 125वें स्थान (वैश्विक सूचकांक के आधार पर) तक की महत्वपूर्ण गिरावट पर प्रकाश डाला। खरगे ने तर्क दिया कि ये आंकड़े भारतीय पासपोर्ट की ताकत और सम्मान के संबंध में प्रधानमंत्री मोदी के पिछले बयानों का खंडन करते हैं।
शुल्क वृद्धि और पर्यटक आगमन में गिरावट
खरगे ने बताया कि सामान्य पासपोर्ट शुल्क ₹1,500 से बढ़कर ₹2,500 हो गया है, और तत्काल सेवाओं पर अब ₹5,000 तक खर्च आता है, जिससे पासपोर्ट सेवाएं अधिक महंगी हो गई हैं। उन्होंने विदेशी पर्यटकों के आगमन में भी गिरावट का उल्लेख किया, 2019 में 1.09 करोड़ की तुलना में 2024 में 99.5 लाख पर्यटक आए, यह सवाल करते हुए कि क्या एनआरआई आगमन को आंकड़ों को बढ़ाने के लिए शामिल किया जा रहा है।
वीजा पोर्टल और छवि को लेकर चिंताएं
कांग्रेस अध्यक्ष ने आधिकारिक भारतीय वीजा आवेदन पोर्टल को पुराना और जटिल होने की आलोचना की, जो 1990 के दशक की वेबसाइट जैसा दिखता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि भारतीय पासपोर्ट की शक्ति कम हुई है, पर्यटन पूरी तरह से ठीक नहीं हुआ है, और वीजा सेवाएं खराब हैं, तो सरकार द्वारा प्रचारित वैश्विक सम्मान संदिग्ध है, जिससे भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि प्रभावित हो रही है।
शिक्षा व्यवस्था 'आईसीयू' में: कन्हैया कुमार
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि मोदी सरकार ने भारत की शिक्षा व्यवस्था को 'आईसीयू' में डाल दिया है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और पेपर लीक मामले से उनके कथित संबंधों की जांच का आह्वान किया। कुमार ने एक 'एजुकेशन चार्टर' बनाने का भी प्रस्ताव रखा, जिसके लिए राहुल गांधी देश भर में छात्रों से मिल रहे हैं।
शिक्षा सुधार और जवाबदेही की मांग
कन्हैया कुमार ने बताया कि एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने भी शैक्षणिक संस्थानों की बिगड़ती स्थिति की आलोचना की। उन्होंने सामूहिक रूप से सुधारों, युवाओं के लिए एक नियमित नौकरी कैलेंडर की स्थापना और परीक्षा तथा भर्ती प्रक्रियाओं के लिए एक निश्चित समय सारणी की मांग की। नेताओं ने छात्र संघ चुनावों के निलंबन और कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में पक्षपातपूर्ण नियुक्तियों पर भी चिंता व्यक्त की।
क्यों मायने रखता है
कांग्रेस पार्टी द्वारा लगाए गए आरोप भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा, नागरिकों के लिए यात्रा में आसानी और युवाओं के भविष्य के महत्वपूर्ण पहलुओं को संबोधित करते हैं, जिससे शासन और नीतिगत प्रभावशीलता के बारे में चिंताएं बढ़ रही हैं।
मुख्य तथ्य
- •Passport Ranking 2013: 74th
- •Passport Ranking 2026 (Index 1): 80th
- •Passport Ranking 2026 (Index 2): 125th
- •Normal Passport Fee Increase: ₹1,500 to ₹2,500
- •Tatkal Passport Fee Increase: Up to ₹5,000
- •Foreign Tourist Arrivals 2019: 1.09 crore
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