DMK ने राहुल गांधी पर साधा निशाना: INDIA गुट में विश्वासघात और अपरिपक्वता

DMK के मुखपत्र मुरासोली ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए उन पर सहयोगियों को "धोखा देने" और INDIA गुट को कमजोर करने का आरोप लगाया है। 16 जून, 2026 को प्रकाशित संपादकीय में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस राज्य चुनावों में गठबंधन सहयोगियों के खिलाफ काम करती है, लेकिन लोकसभा चुनावों के लिए उनका समर्थन मांगती है। इसमें विशेष रूप से तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की राहुल गांधी के कथित आशीर्वाद से की गई कार्रवाइयों के कारण उनके दशकों पुराने गठबंधन के "टूटने" का जिक्र किया गया है। मुरासोली ने राहुल गांधी के आचरण को लेकर CPI(M), CPI, SP और RJD नेताओं की आलोचनाओं पर प्रकाश डाला, इसे "अपरिपक्वता" और विपक्षी एकता के लिए खतरा बताया। लेख में राहुल गांधी की एकता की अपीलों पर उनके कथित विभाजनकारी कार्यों को देखते हुए सवाल उठाया गया है।
DMK ने कांग्रेस पर लगाया विश्वासघात का आरोप
DMK ने अपने आधिकारिक मुखपत्र मुरासोली के माध्यम से कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया है, जिसमें पार्टी और राहुल गांधी पर अपने गठबंधन सहयोगियों को 'धोखा देने' का आरोप लगाया गया है। 16 जून, 2026 के संपादकीय में एक ऐसे पैटर्न का आरोप लगाया गया है जहां कांग्रेस राज्य चुनावों में INDIA गुट के अन्य सदस्यों को कमजोर करती है, लेकिन फिर लोकसभा चुनावों के दौरान उनका समर्थन मांगती है। यह चल रहा घर्षण एक महत्वपूर्ण मोड़ पर विपक्षी गठबंधन के सामंजस्य को खतरे में डालता है।
तमिलनाडु गठबंधन का टूटना
मुरासोली ने विशेष रूप से तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में DMK और कांग्रेस के बीच दशकों पुराने गठबंधन के टूटने पर प्रकाश डाला। संपादकीय में दावा किया गया है कि यह विघटन कांग्रेस की 'छिपी हुई रणनीति' के कारण हुआ, जिसे कथित तौर पर राहुल गांधी का समर्थन प्राप्त था। यह सीधा आरोप अब दो पूर्व सहयोगियों के बीच व्याप्त अविश्वास की गहराई को रेखांकित करता है।
सहयोगियों से व्यापक आलोचना
DMK के संपादकीय ने राहुल गांधी के खिलाफ अन्य INDIA गुट के घटकों से भी इसी तरह की आलोचनाओं को सामने लाया। CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास, CPI महासचिव डी. राजा, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव और RJD नेता तेजस्वी यादव सभी ने चिंता व्यक्त की है। उनकी सामूहिक आलोचनाएं राहुल गांधी पर निराधार आरोप लगाने से लेकर राजनीतिक अपरिपक्वता दिखाने और विपक्षी एकता को कमजोर करने तक फैली हैं।
राहुल की एकता की अपीलों पर सवाल
मुरासोली ने 11 जून की बैठक के दौरान INDIA गुट के भीतर एकता पर राहुल गांधी के हालिया बयानों पर सीधे सवाल उठाया। संपादकीय ने एकता के लिए उनकी अपीलों को 'देरी से मिलीT समझ' करार दिया, जिसमें विभिन्न राज्यों में फूट पैदा करने में उनकी कथित भूमिका का जिक्र किया गया। DMK का लेख यह दर्शाता है कि राहुल गांधी के कार्य उनके शब्दों के विपरीत हैं, जिससे एक एकजुट विपक्षी मोर्चे के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर संदेह पैदा होता है।
विपक्षी सामंजस्य पर प्रभाव
संपादकीय यह दावा करते हुए समाप्त होता है कि राहुल गांधी की 'अपरिपक्वता और ईमानदारी की कमी' से उपजी कांग्रेस विरोधी भावना अब INDIA गुट के भीतर भाजपा विरोधी भावना पर हावी हो रही है। यह आंतरिक कलह सत्तारूढ़ सरकार को प्रभावी ढंग से चुनौती देने की गठबंधन की क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बाधित कर सकती है। लेख से पता चलता है कि राहुल गांधी को अव्यवस्था की वर्तमान स्थिति के लिए जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
क्यों मायने रखता है
INDIA गुट के प्रमुख सदस्यों के बीच यह बढ़ती बयानबाजी महत्वपूर्ण चुनावों से पहले विपक्ष की एकता को खतरे में डाल सकती है, जिससे सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ उनकी सामूहिक स्थिति कमजोर हो सकती है। विश्वासघात और राजनीतिक अपरिपक्वता के आरोप गहरे आंतरिक संघर्षों को उजागर करते हैं।
मुख्य तथ्य
- •Publication Date: June 16, 2026
- •Accusation by DMK: Congress backstabbed DMK in Tamil Nadu Assembly elections.
- •Congress Alleged Strategy: Opposes allies in state polls, seeks support in Lok Sabha polls.
- •Rahul Gandhi's Role: Accused of blessing actions against DMK and damaging opposition unity.
- •Criticizing Parties: CPI(M), CPI, SP, and RJD leaders criticized Rahul Gandhi.
- •Term for Rahul's actions: Political immaturity and lack of integrity.
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