सोनम वांगचुक 20 जुलाई को संसद मार्च का नेतृत्व करेंगे, प्रधान के इस्तीफे की मांग
पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक, जो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं, 20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन संसद तक शांतिपूर्ण मार्च का नेतृत्व करेंगे। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित इस मार्च का उद्देश्य कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करना है। 11 दिनों के उपवास के बाद 7 किलोग्राम से अधिक वजन कम होने के कारण वांगचुक का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है, उन्होंने नागरिकों से इसमें शामिल होने का आग्रह किया है। AISA के अन्य कार्यकर्ता भी भूख हड़ताल पर हैं, जिनमें से एक को हाल ही में स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह विरोध शिक्षा सुधार और परीक्षा प्रणाली की विफलताओं के लिए जवाबदेही चाहता है।
AI सारांश
3 bullets20 जुलाई को संसद मार्च की योजना
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा की है। इस प्रदर्शन का उद्देश्य केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग करना है। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ता सोनम वांगचुक इस मार्च का नेतृत्व करेंगे।
भूख हड़ताल के बीच वांगचुक का स्वास्थ्य बिगड़ा
अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 11 दिनों के बाद सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य काफी बिगड़ गया है, डॉक्टरों ने सात किलोग्राम से अधिक वजन कम होने की सूचना दी है। उनके रक्तचाप और रक्त शर्करा के स्तर में बदलाव दिख रहा है, हालांकि वह मानसिक रूप से सतर्क हैं। वांगचुक ने नागरिकों से मार्च में शामिल होने का आग्रह किया है ताकि सामूहिक दबाव डाला जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनकी आवाज संसद में सुनी जाए।
शिक्षा सुधार और जवाबदेही की मांग
यह मार्च भारत की परीक्षा प्रणाली की लगातार विफलताओं के कारण अपनी जान गंवाने वाले छात्रों की याद में आयोजित किया जा रहा है। प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग के अलावा, सीजेपी और सहायक संगठन व्यापक शिक्षा सुधार की वकालत कर रहे हैं। उनका उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र के भीतर अधिक जवाबदेही की आवश्यकता को उजागर करना है।
अन्य कार्यकर्ता भी भूख हड़ताल पर
सोनम वांगचुक के साथ, अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) के सदस्य भी जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। आइसा के एक सदस्य, हृषीकेश को हाल ही में गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जो विरोध की गंभीर प्रकृति को दर्शाता है। आइसा का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के बिगड़ते स्वास्थ्य के बावजूद सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है।
क्यों मायने रखता है
यह विरोध भारत की परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर बढ़ते जन असंतोष और उच्च पदस्थ अधिकारियों से जवाबदेही की मांग को उजागर करता है।
मुख्य तथ्य
- •March Date: July 20, 2024
- •Protest Location: Jantar Mantar to Parliament, Delhi
- •Key Demand: Resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan
- •Sonam Wangchuk's Fast Duration: 11 days (as of protest day 20)
- •Sonam Wangchuk's Weight Loss: Over 7 kg
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