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सोनम वांगचुक NEET और लद्दाख के मुद्दों पर करेंगे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

Briovo· 25 Jun 2026, 10:41 pm IST
सोनम वांगचुक NEET और लद्दाख के मुद्दों पर करेंगे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने घोषणा की है कि यदि सरकार NEET पेपर लीक और लद्दाख से संबंधित मुद्दों पर उनकी मांगों का समाधान नहीं करती है, तो वह 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने सरकार को जवाब देने के लिए 27 जून तक का समय दिया है। वांगचुक ने शिक्षा में जवाबदेही पर जोर दिया और लद्दाख के निवासियों को पर्यावरण और सांस्कृतिक मामलों पर अधिक अधिकार देने का आह्वान किया। यह कदम जिनेवा की उनकी हालिया यात्रा के बाद उठाया गया है, जहाँ उन्होंने इन चिंताओं पर चर्चा की थी। इस बीच, राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों को "आतंकवादी" कहने की आलोचना की और उनसे माफी और इस्तीफे की मांग की।

AI सारांश

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वांगचुक की भूख हड़ताल की घोषणा

कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने के अपने इरादे की घोषणा की है। यह निर्णय NEET पेपर लीक और लद्दाख के पर्यावरणीय और सांस्कृतिक संरक्षण से संबंधित चिंताओं पर सरकार की कथित निष्क्रियता के जवाब में आया है। उन्होंने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को 27 जून तक का समय दिया है।

जवाबदेही की मांग

वांगचुक ने दो प्राथमिक चिंताओं पर जोर दिया है: शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही, विशेष रूप से NEET पेपर लीक को संबोधित करना, और लद्दाख के निवासियों को उनके पर्यावरण और सांस्कृतिक विरासत को प्रभावित करने वाले मामलों में अधिक कहने का अधिकार सुरक्षित करना। वह महत्वपूर्ण निर्णयों में नागरिकों की आवाज सुनने की वकालत करते हैं, खासकर उन निर्णयों में जो उनके भविष्य और क्षेत्रीय पहचान को प्रभावित करते हैं। पारदर्शिता के लिए यह आह्वान जिनेवा में उनकी हालिया चर्चाओं के अनुरूप है।

राहुल गांधी ने प्रधान की आलोचना की

इसी के साथ, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तीखी आलोचना की है, जिन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों को 'आतंकवादी' करार दिया था। गांधी ने प्रधान से देश के युवाओं से तुरंत माफी मांगने और पेपर लीक की घटनाओं से निपटने के तरीके के कारण उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने भाजपा पर सरकार पर सवाल उठाने वाले किसी भी व्यक्ति को बदनाम करने के लिए ऐसे लेबल का सहारा लेने का आरोप लगाया।

पेपर लीक का प्रभाव

लेख में पेपर लीक के गंभीर प्रभाव पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें बताया गया है कि ऐसी घटनाओं के कारण कथित तौर पर 20 छात्रों की जान चली गई है। राहुल गांधी ने रेखांकित किया कि इन विफलताओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की कमियों पर सवाल उठाना एक अधिकार है, न कि आतंकवाद का कृत्य।

क्यों मायने रखता है

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल शैक्षिक अखंडता और क्षेत्रीय स्वायत्तता के महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डालती है, जिससे विरोध प्रदर्शन बढ़ सकते हैं और सरकार का ध्यान आकर्षित हो सकता है।

मुख्य तथ्य

  • Hunger Strike Start Date: June 28
  • Government Response Deadline: June 27
  • Key Issues: NEET paper leak, Ladakh's environment and culture
  • Protest Location: Jantar Mantar

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