ईरान समझौते पर इस्राइली आलोचकों पर बरसे वैन्स
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैन्स ने हालिया ईरान शांति समझौते पर इजरायली आपत्तियों की आलोचना की है, इस बात पर जोर देते हुए कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इजरायल के एकमात्र सहानुभूति रखने वाले वैश्विक सहयोगी हैं। वैन्स ने इजरायली कैबिनेट सदस्यों को समझौते और ट्रंप पर हमला करने के लिए फटकार लगाई, उन्हें अमेरिका द्वारा इजरायल को मिलने वाली अरबों डॉलर की रक्षा सहायता की याद दिलाई। इस समझौते का उद्देश्य ईरान के साथ युद्ध को समाप्त करना है, हालांकि आलोचकों का तर्क है कि यह ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को रोकने या परमाणु सुविधाओं को खत्म करने में विफल रहता है। वैन्स ने इजरायल के "घबराहट" को चुनौती दी, जिसमें अमेरिका के प्रति अविश्वास का सुझाव दिया गया। यह अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है, जिसमें इजरायली अधिकारियों ने समझौते की शर्तों और उनकी सुरक्षा पर इसके प्रभाव के बारे में चिंता व्यक्त की है।
AI सारांश
3 bulletsवैन्स ने इस्राइली 'घबराहट' को बताया गलत
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैन्स ने ईरान समझौते पर इजरायली अधिकारियों की नकारात्मक प्रतिक्रियाओं की कड़ी आलोचना की। उन्होंने विशेष रूप से इजरायली कैबिनेट सदस्यों पर निशाना साधा, जिन्होंने समझौते और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर हमला किया है, उन्हें अपने सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी को अलग-थलग करने के खिलाफ चेतावनी दी है।
ट्रम्प: इज़राइल का एकमात्र सहयोगी
वैन्स ने दावा किया कि डोनाल्ड ट्रम्प ही वैश्विक स्तर पर एकमात्र राष्ट्राध्यक्ष हैं जो इज़राइल के प्रति सहानुभूति रखते हैं। उन्होंने इज़रायली अधिकारियों से इस वास्तविकता को स्वीकार करने और अमेरिका को नाराज़ न करने का आग्रह किया, खासकर अमेरिकी करदाताओं द्वारा प्रदान की गई पर्याप्त वित्तीय और सैन्य सहायता को देखते हुए।
अमेरिकी सहायता और इजरायली निर्भरता
वैन्स ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इज़राइल के दो-तिहाई रक्षात्मक हथियार अमेरिकी हाथों से बनाए गए हैं और अमेरिकी करदाताओं के पैसे से भुगतान किए गए हैं। अमेरिका सालाना इज़राइल को लगभग 4 बिलियन डॉलर की सैन्य सहायता प्रदान करता है, जो अमेरिकी समर्थन पर गहरी निर्भरता को रेखांकित करता है।
नेतन्याहू का रुख और प्रतिक्रियाएं
नेतन्याहू के कार्यालय ने वैन्स की टिप्पणी पर तुरंत टिप्पणी नहीं की, लेकिन गुमनाम इजरायली अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की कि ईरान समझौता ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को संबोधित करने में विफलता के कारण हानिकारक था। नेतन्याहू ने बाद में कहा कि इजराइल दक्षिणी लेबनान में एक सुरक्षा पट्टी बनाए रखेगा।
लेबनान और ईरान को लेकर तनाव
ईरान समझौते ने लेबनान में इज़राइल के संचालन को लेकर भी तनाव पैदा कर दिया। ट्रम्प ने सुझाव दिया कि नेतन्याहू हिजबुल्लाह के खिलाफ "नरम दृष्टिकोण" का उपयोग करें, जबकि इज़राइल ने घोषणा की कि वह दक्षिणी लेबनान में नियंत्रण बनाए रखेगा और आगे के हमलों से इंकार नहीं करेगा, जो समझौते की शर्तों को चुनौती देगा।
बेन-ग्विर और वैन्स में हुआ टकराव
इज़राइल के धुर-दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने अमेरिकी-ईरान समझौते की कड़ी निंदा की और लेबनान में इजरायली सैनिकों के रहने पर जोर दिया। वैन्स ने एक साक्षात्कार में बेन-ग्विर की आलोचना की, जिसमें इज़राइल के जनसंख्या आकार को देखते हुए उसके दृष्टिकोण पर सवाल उठाया गया, जिससे सोशल मीडिया पर गरमागरम बहस हुई।
क्यों मायने रखता है
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने पहली बार एक प्रमुख अमेरिकी सहयोगी और उसके शीर्ष नेतृत्व की सीधे तौर पर आलोचना की है, जिसमें अमेरिकी करदाताओं द्वारा इसे दी गई भारी सहायता पर प्रकाश डाला गया है। यह घर्षण ईरान युद्ध के प्रति उनके दृष्टिकोण पर अमेरिका और इज़राइल के बीच बढ़ती दरार को भी दर्शाता है।
मुख्य तथ्य
- •US Defense Aid to Israel: Approximately $4 billion annually
- •Date of criticism: June 18, 2026
- •Location of Vance's remarks: White House news briefing
- •Countries involved in the deal: US and Iran
- •Impact of Iran War: Roiled markets and global oil supplies
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…