नायडू ने तंबाकू फर्मों से खरीद के वादे पूरे करने का आग्रह किया
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तंबाकू कंपनियों को उनके खरीद के वादों का सम्मान करने और नीलामी प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है। खरीद की धीमी गति, खासकर आईटीसी, गॉडफ्रे फिलिप्स और वीएसटी इंडस्ट्रीज जैसे प्रमुख खिलाड़ियों द्वारा, पर चिंता व्यक्त करते हुए नायडू ने किसानों को असुविधा पहुँचाने वाली फर्मों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। हालांकि, कंपनियों ने इस संकट का कारण किसानों द्वारा अनुमानित मांग से अधिक उत्पादन और निर्यात में गिरावट को बताया। राज्य सरकार ने ₹200 प्रति किलोग्राम न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किया है, और नायडू ने जोर देकर कहा कि खरीद इस कीमत पर या उससे अधिक पर होनी चाहिए। यह समीक्षा बैठक इस सीजन में इस मुद्दे पर पाँचवीं थी, जो राज्य में तंबाकू किसानों के सामने आने वाली लगातार चुनौतियों को उजागर करती है।
AI सारांश
3 bulletsमुख्यमंत्री ने दी कड़ी चेतावनी
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तंबाकू कंपनियों को खरीद में तेजी लाने और अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करने के लिए कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने खरीदारी की धीमी गति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और किसानों को असुविधा पहुंचाने वाली फर्मों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की धमकी दी। यह निर्देश राज्य में तंबाकू उत्पादकों के कल्याण को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है।
खरीद वादों से पीछे
नायडू ने खरीद के वादों और वास्तविक खरीद के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर पर प्रकाश डाला। आईटीसी लिमिटेड, गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया लिमिटेड और वीएसटी इंडस्ट्रीज लिमिटेड जैसी प्रमुख कंपनियों ने सामूहिक रूप से 95.50 मिलियन किलोग्राम तंबाकू खरीदने का वादा किया था, लेकिन अब तक केवल 17.6 मिलियन किलोग्राम की खरीद की है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार अधूरे वादों को बर्दाश्त नहीं करेगी।
कंपनियों ने किसानों के अत्यधिक उत्पादन का हवाला दिया
तंबाकू कंपनी के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री की चिंताओं का खंडन करते हुए संकट का कारण किसानों द्वारा अनुमानित मांग से अधिक खेती को बताया। उन्होंने कहा कि उद्योग ने पहले ही तत्काल आवश्यकताओं से अधिक मात्रा में खरीद कर ली थी और निर्यात में गिरावट से जूझ रहा था, जिससे उनकी क्रय क्षमता प्रभावित हो रही थी। इनS चुनौतियों के बावजूद, कंपनियों ने सरकार को खरीद के प्रयासों को जारी रखने का आश्वासन दिया।
मांग-आपूर्ति अंतर से संकट गहराया
बैठक में अधिकारियों ने खुलासा किया कि कंपनियों ने सामूहिक रूप से 142 मिलियन किलोग्राम के इंडेंट रखे थे, जबकि किसानों ने चालू सीजन के दौरान चौंका देने वाला 232 मिलियन किलोग्राम उत्पादन किया। मांग और आपूर्ति के बीच इस महत्वपूर्ण अंतर के कारण कीमतों में भारी गिरावट आई है और खरीद प्रक्रिया धीमी हो गई है, जिससे किसानों की स्थिति और खराब हो गई है। तंबाकू के लिए खुले बाजार की अनुपस्थिति को भी एक योगदान कारक के रूप में पहचाना गया।
क्यों मायने रखता है
मुख्यमंत्री का यह निर्देश आंध्र प्रदेश के तंबाकू किसानों के हितों की रक्षा करना है, जो धीमी खरीद और गिरती कीमतों के कारण संकट का सामना कर रहे हैं। उचित मूल्य और समय पर खरीद सुनिश्चित करना उनकी आजीविका के लिए महत्वपूर्ण है और उन्हें वैकल्पिक फसलों की ओर मुड़ने से रोकता है, जिसका तंबाकू उद्योग के लिए दीर्घकालिक परिणाम हो सकता है।
मुख्य तथ्य
- •Minimum Support Price (MSP): ₹200 per kg
- •Companies' combined indent…: 95.50 million kg
- •Companies' actual procurement so far: 17.6 million kg
- •Total indent placed by companies: 142 million kg
- •Farmers' production in current…: 232 million kg
- •Review meetings this season: 5th
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