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छोटे हवाई अड्डों पर DGCA के कड़े सुरक्षा निर्देश

Briovo· 17 Jun 2026, 10:32 pm IST2
छोटे हवाई अड्डों पर DGCA के कड़े सुरक्षा निर्देश

बारामती हवाई अड्डे के पास एक Learjet-45 विमान दुर्घटना के बाद, नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने अनियंत्रित हवाई पट्टियों और छोटे हवाई अड्डों के संचालकों के लिए कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। संचालकों को अब सुरक्षा में कमी की तुरंत समीक्षा करने और उन्हें ठीक करने, तथा रनवे, टैक्सीवे और बाड़ जैसी आवश्यक बुनियादी ढांचे के नियमित रखरखाव को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। DGCA ने विमानन सुरक्षा पर कोई समझौता न करने पर जोर दिया है और बेहतर लैंडिंग सहायता व मौसम संबंधी सुविधाओं की आवश्यकता पर प्रकाश डाला है, विशेष रूप से अधिक उपयोग किए जाने वाले हवाई क्षेत्रों में। इस कदम का उद्देश्य इन छोटे, अक्सर कम विनियमित, विमानन सुविधाओं पर सुरक्षा मानकों को बढ़ाना और भविष्य की घटनाओं को रोकना है।

AI सारांश

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नए सुरक्षा निर्देश जारी

नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने भारत भर में अनियंत्रित हवाई पट्टियों और छोटे हवाई अड्डों का प्रबंधन करने वाले संचालकों के लिए कड़े नए सुरक्षा दिशानिर्देश लागू किए हैं। इन निर्देशों में किसी भी सुरक्षा संबंधी कमी की पहचान करने और उसे ठीक करने के लिए मौजूदा सुविधाओं की तत्काल और गहन समीक्षा पर जोर दिया गया है।

बुनियादी ढांचे के रखरखाव पर ध्यान

संचालकों को अब महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे के तत्वों के नियमित निरीक्षण और रखरखाव को सुनिश्चित करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें रनवे, टैक्सीवे, एप्रन, दृश्य सहायता, मार्किंग, ड्रेनेज सिस्टम, बाउंड्री फेंसिंग और प्रवेश नियंत्रण तंत्र शामिल हैं, जो सुरक्षित विमान संचालन के लिए सभी महत्वपूर्ण हैं।

बारामती दुर्घटना के जवाब में

ये बढ़ी हुई सुरक्षा व्यवस्था 28 जनवरी, 2026 को बारामती हवाई अड्डे के पास एक Learjet-45 विमान दुर्घटना के मद्देनजर आई है। एक अनियंत्रित हवाई क्षेत्र से जुड़ी इस घटना ने विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो को ऐसे स्थानों के लिए बेहतर लैंडिंग सहायता और मौसम संबंधी सुविधाओं की सिफारिश करने के लिए प्रेरित किया।

वर्तमान सुरक्षा मानकों पर चिंता

DGCA ने कहा कि कई अनियंत्रित हवाई पट्टियां वर्तमान में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करती हैं, जिससे विमानन सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण जोखिम पैदा होता है। ऐतिहासिक आंकड़े इन हवाई क्षेत्रों पर या उनके पास कई दुर्घटनाओं और घटनाओं का संकेत देते हैं, जो बढ़ी हुई निगरानी की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।

अनियंत्रित हवाई क्षेत्रों की परिभाषा

अनियंत्रित हवाई क्षेत्रों की विशेषता एक हवाई यातायात नियंत्रण टावर की अनुपस्थिति या एक निष्क्रिय टावर है, जिसमें उड़ान की जानकारी आमतौर पर प्रशिक्षकों और पायलटों द्वारा साझा की जाती है। DGCA ऐसे संचालकों को, विशेष रूप से नियमित संचालन वाले लोगों को, मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए हवाई अड्डा लाइसेंस प्राप्त करने की सलाह देता है।

क्यों मायने रखता है

DGCA के नये निर्देश छोटे हवाई अड्डों पर विमानन सुरक्षा बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं, जहाँ अपर्याप्त रखरखाव और उचित बुनियादी ढांचे की कमी के कारण ऐतिहासिक रूप से दुर्घटनाएँ हुई हैं। ये उपाय नियमित और वीआईपी दोनों उड़ानों के लिए उड़ान सुरक्षा को सीधे प्रभावित करेंगे, संभावित रूप से भविष्य की हवाई दुर्घटनाओं को रोकेंगे और यात्रियों का विश्वास सुनिश्चित करेंगे।

मुख्य तथ्य

  • Issuing Authority: Directorate General of Civil Aviation (DGCA)
  • Targeted Facilities: Uncontrolled airstrips and small airports
  • Reason for Directives: Learjet-45 crash near Baramati airport on January 28, 2026, and past incidents
  • Key Requirements: Immediate safety review, regular maintenance of runway, taxiway, fencing, improved landing aids, and meteorological facilities
  • Date of Advisory: June 11, 2026

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