जयपुर में पांचना बांध विवाद बैठक बेनतीजा
जयपुर में पांचना बांध जल विवाद सुलझाने के लिए बुलाई गई उच्च स्तरीय बैठक बेनतीजा समाप्त हुई। तीन मंत्रियों और 74 गांवों के किसान प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद भी कोई सहमति नहीं बन पाई। कमांड एरिया के किसान बैठक छोड़कर निकल गए, जिसके बाद मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी नाराजगी व्यक्त करते हुए बाहर आ गए। यह विवाद 35 गांवों द्वारा सिंचाई के पानी की मांग और 39 गांवों द्वारा संभावित प्रतिकूल प्रभावों के कारण इसका विरोध करने से संबंधित है। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बताया कि अधिकांश बिंदुओं पर सहमति बन गई थी, लेकिन पानी के परीक्षण और कुछ अन्य मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं, सात दिनों के भीतर आगे की बातचीत निर्धारित है।
AI सारांश
3 bulletsउच्च-स्तरीय बैठक विवाद सुलझाने में विफल
जयपुर में पांचना बांध जल विवाद को सुलझाने के लिए बुलाई गई एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक बिना किसी समाधान के समाप्त हो गई। तीन कैबिनेट मंत्रियों और 74 गांवों के प्रतिनिधियों के बीच व्यापक चर्चा के बावजूद, कोई आम सहमति नहीं बन पाई। शिक्षा संकुल के माधव सभागार में आयोजित इस बैठक का उद्देश्य दो दशक पुराने संघर्ष में मध्यस्थता करना था।
मंत्री और किसान बैठक से बाहर निकले
बैठक के दौरान उस समय तनाव बढ़ गया जब बांध के कमांड क्षेत्र के किसानों ने अपनी असंतोष व्यक्त करते हुए अचानक चर्चा छोड़ दी। उनके बाहर निकलने के बाद, कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी प्रगति की कमी से नाराज होकर बैठक से चले गए। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेधम भी मौजूद थे, जो समाधानS को सुविधाजनक बनाने का प्रयास कर रहे थे।
दशकों पुराना जल आवंटन संघर्ष
लगभग दो दशकों से चला आ रहा पांचना बांध विवाद, करौली जिले में बांध से पानी के समान वितरण पर केंद्रित है। यह संघर्ष मुख्य रूप से कमांड क्षेत्र के 35 गांवों के बीच है, जो सिंचाई के लिए तत्काल पानी छोड़ने की वकालत करते हैं, और डूब क्षेत्र के 39 गांवों के बीच है, जिन्हें पानी छोड़े जाने पर नकारात्मक प्रभावों का डर है। इस गहरे मतभेद ने वर्षों से समाधान के प्रयासों में बाधा डाली है।
समझौता मसौदा बना गतिरोध का कारण
हालांकि प्रारंभिक चर्चाओं में कई बिंदुओं पर सकारात्मक प्रगति दिखी, लेकिन जब समझौते के लिखित मसौदे को अंतिम रूप देने की बात आई तो प्रक्रिया रुक गई। इस चरण में मतभेद तेज हो गए, जिसके परिणामस्वरूप अंततः बातचीत टूट गई। किसानों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री स्तर से मिले पिछले आश्वासनों का सम्मान नहीं किया गया था, जिससे ऐसी बैठकों की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहा था।
आगे की बातचीत निर्धारित
अ inconclusive परिणाम के बावजूद, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने स्पष्ट किया कि स्थिति एक विवाद से अधिक संवाद थी, उन्होंने एक ही बैठक में दो दशक पुराने मुद्दे को हल करने की चुनौती को स्वीकार किया। उन्होंने संकेत दिया कि 8-10 बिंदुओं पर सहमति बन गई थी, लेकिन पानी के परीक्षण जैसे विशिष्ट मुद्दे विवादास्पद बने हुए हैं। इन बकाया मामलों को सुलझाने और अंतिम समाधान खोजने के लिए सात दिनों के भीतर एक और बैठक निर्धारित है।
क्यों मायने रखता है
पांचना बांध विवाद से 74 गांव प्रभावित हैं और यह दो दशकों से चल रहा है, जिससे राजस्थान में कृषि आजीविका और क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हो रही है। जल वितरण और आगे के तनाव को रोकने के लिए इसका समाधान महत्वपूर्ण है।
मुख्य तथ्य
- •Dispute Duration: 20 years
- •Villages Involved: 74
- •Ministers Present: 3
- •Command Area Villages: 35
- •Submerged Area Villages: 39
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