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Rajpal YadavDelhi High CourtCheque Bounce CaseConviction

दिल्ली HC ने राजपाल यादव की चेक बाउंस मामले में दोषसिद्धि बरकरार रखी

Briovo· 10 Jul 2026, 02:37 pm IST
दिल्ली HC ने राजपाल यादव की चेक बाउंस मामले में दोषसिद्धि बरकरार रखी

दिल्ली उच्च न्यायालय ने अभिनेता राजपाल यादव को सात चेक बाउंस मामलों में दोषी ठहराया है, जिसमें उन्हें तीन महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने पाया कि उन्होंने बार-बार विवाद निपटाने की अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करने में विफल रहे थे। उन्हें और उनकी पत्नी, राधा यादव, को शिकायतकर्ता, मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को महत्वपूर्ण रकम का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। यह मामला 2010 में उनकी पहली निर्देशित फिल्म 'अता पता लापता' के लिए लिए गए ऋण से उत्पन्न हुआ है, जो बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, जिससे बेईमान चेक को लेकर एक लंबी कानूनी लड़ाई चली।

AI सारांश

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हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि बरकरार रखी

दिल्ली उच्च न्यायालय ने अभिनेता राजपाल यादव को सात अलग-अलग चेक बाउंस मामलों में दोषी ठहराया। अदालत ने तीन महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई, जिसमें सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। यह फैसला एक लंबे कानूनी विवाद के बाद आया है।

समझौते में बार-बार विफलता

मामले की देखरेख कर रही न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा ने यादव के "संदिग्ध आचरण" और विवाद को निपटाने की प्रतिबद्धताओं का सम्मान करने में उनकी लगातार विफलता पर ध्यान दिया। कई अवसरों के बावजूद, उन्होंने सहमत राशि जमा नहीं की, जिसमें किश्तों में ₹2.5 करोड़ का प्रारंभिक आश्वासन भी शामिल था।

वित्तीय दंड लगाए गए

कारावास के अलावा, अदालत ने राजपाल यादव को शिकायतकर्ता, मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को प्रत्येक सात मामलों में ₹1.05 करोड़ का भुगतान करने का निर्देश दिया। उन्हें अतिरिक्त ₹1.04 लाख और ₹75,000, साथ ही राज्य को ₹25,000 का जुर्माना भी भरने का आदेश दिया गया। उनकी पत्नी, राधा यादव को भी प्रति मामले ₹5,51,380 का भुगतान करना होगा।

कानूनी विवाद का मूल

यह मामला परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर शिकायत से उत्पन्न हुआ था। राजपाल यादव ने 2010 में अपनी पहली निर्देशित फिल्म 'अता पता लापता' को वित्तपोषित करने के लिए दिल्ली स्थित कंपनी से ₹5 करोड़ उधार लिए थे। फिल्म की बॉक्स ऑफिस पर असफलता के कारण वे ऋण चुकाने में असमर्थ रहे, जिससे लंबी कानूनी लड़ाई शुरू हो गई।

पिछली दोषसिद्धि और अपीलें

यादव और उनकी पत्नी को शुरू में 2018 में एक मजिस्ट्रेट अदालत ने बेईमान चेक के लिए दोषी ठहराया था और छह महीने कारावास की सजा सुनाई थी। इस दोषसिद्धि को बाद में मई 2024 में एक सत्र अदालत ने बरकरार रखा था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने पहले समझौते के आश्वासन के बाद उनकी सजा निलंबित कर दी थी, लेकिन बाद में अनुपालन न करने के कारण अधिक समय के लिए उनकी याचिका खारिज कर दी थी।

क्यों मायने रखता है

यह फैसला सार्वजनिक हस्तियों के लिए भी कानूनी जवाबदेही को पुष्ट करता है और वित्तीय प्रतिबद्धताओं का सम्मान करने में विफल रहने के परिणामों पर प्रकाश डालता है, खासकर परक्राम्य लिखतों से जुड़े व्यावसायिक लेनदेन में।

मुख्य तथ्य

  • Court Decision: Delhi High Court upheld conviction
  • Sentence: 3 months simple imprisonment (concurrent)
  • Number of Cases: 7 cheque bounce cases
  • Total Amount to Pay (Rajpal Yadav): ₹1.05 crore per case + ₹1.04 lakh + ₹75,000
  • Total Amount to Pay (Radha Yadav): ₹5,51,380 per case
  • Origin of Case: Loan for 2010 film 'Ata Pata Laapata'

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