जयशंकर ने यूक्रेन से कहा: काला सागर में भारतीय नाविकों पर हमले अस्वीकार्य
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों और भारतीय नाविकों पर हुए हमलों को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। जयशंकर ने ऐसी घटनाओं को "बिल्कुल अस्वीकार्य" बताया और उनकी कड़ी निंदा की। यह बातचीत काला सागर में एक भारतीय नाविक की मौत पर भारत द्वारा यूक्रेनी दूत से किए गए विरोध के बाद हुई है, जो कथित तौर पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों में हुई थी। हाल के हमलों में पांच भारतीय नाविकों की जान चली गई है और दो लापता हैं। दोनों मंत्रियों ने यूक्रेन संघर्ष और शांति प्रयासों पर भी चर्चा की, जिसमें यूक्रेन ने भारत की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया।
AI सारांश
3 bulletsभारत ने कड़ा विरोध जताया
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा को बताया कि काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों और भारतीय नाविकों पर हमले "बिल्कुल अस्वीकार्य" हैं। उन्होंने ऐसी घटनाओं की स्पष्ट रूप से निंदा की, संघर्ष क्षेत्रों में गैर-सैन्य संपत्तियों और कर्मियों को निशाना बनाने के खिलाफ भारत के कड़े रुख पर जोर दिया।
भारतीयों के जानमाल का दुखद नुकसान
भारत द्वारा यह कड़ी आपत्ति तब आई है जब काला सागर में व्यापारी जहाजों पर हाल के हमलों के कारण पांच भारतीय नाविकों की मौत हो गई और दो अन्य लापता बताए गए। एक घटना में एमवी ओमोर्फ़ी जहाज शामिल था, जिस पर कथित तौर पर यूक्रेनी ड्रोन हमले हुए, जिससे एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई।
पूर्व राजनयिक कार्रवाई
इससे पहले, भारत ने यूक्रेनी दूत ओलेक्जेंडर पोलिशचुक को एक भारतीय नाविक की हत्या के संबंध में औपचारिक रूप से कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए तलब किया था। इस राजनयिक कदम ने इस बात पर जोर दिया कि भारत विदेशों में, खासकर संघर्ष-ग्रस्त क्षेत्रों में काम करने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा को कितनी गंभीरता से लेता है।
यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा
नाविकों की सुरक्षा के अलावा, जयशंकर और सिबिहा ने चल रहे यूक्रेन संघर्ष और विभिन्न शांति प्रयासों पर भी चर्चा की। सिबिहा ने जयशंकर को हाल के घटनाक्रमों से अवगत कराया और भारत से संघर्ष को हल करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया, इसके व्यापक निहितार्थों का हवाला देते हुए।
वैश्विक प्रभाव और भारत का रुख
जयशंकर ने वर्तमान अंतरराष्ट्रीय स्थिति की नाजुकता पर प्रकाश डाला, यह देखते हुए कि विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में संघर्ष वैश्विक स्तर पर, विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के लिए ईंधन, उर्वरक और खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करते हैं। भारत लगातार संवाद और कूटनीति को विवादों को सुलझाने का प्राथमिक साधन बताता है।
क्यों मायने रखता है
काला सागर संघर्ष में भारतीय नाविकों की मौत तटस्थ नागरिकों पर भू-राजनीतिक तनाव की सीधी मानवीय लागत को उजागर करती है और विश्व स्तर पर अपने नागरिकों और वाणिज्यिक हितों की रक्षा के लिए भारत के मजबूत रुख को रेखांकित करती है। भारत संवाद और कूटनीति की भी वकालत करता है, विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के लिए वैश्विक ईंधन, उर्वरक और खाद्य सुरक्षा पर व्यापक प्रभाव पर जोर देता है।
मुख्य तथ्य
- •Indian Seafarer Deaths: 5 confirmed, 2 missing
- •Incident Timing: Recent attacks in Black Sea
- •Affected Vessel: MV Omorfi (reportedly attacked by Ukrainian drones)
- •Indian Stance: "Absolutely unacceptable", unequivocally condemned
- •Diplomatic Action: India summoned Ukrainian envoy
- •Broader Impact Discussed: Fuel, fertilizer, food security, especially for Global South
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…