भोपाल छात्रवृत्ति घोटाला: CBI ने 1 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में 6 को किया नामजद
सीबीआई ने भोपाल में 1 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले के सिलसिले में यूको बैंक के पूर्व मैनेजर सहित छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोपियों ने कथित तौर पर 2020 और 2021 के बीच खोले गए 118 फर्जी बैंक खातों के माध्यम से एमबीए छात्रों के लिए सरकारी छात्रवृत्ति राशि को डायवर्ट किया। जाली दस्तावेज और मनगढ़ंत केवाईसी विवरण का इस्तेमाल किया गया, और कॉलेज के अधिकारियों से जुड़े मोबाइल नंबरों पर लेनदेन के लिए ओटीपी प्राप्त हुए। राशि जमा होते ही निकाल ली गई। यह घोटाला यूको बैंक के एक अधिकारी की शिकायत के बाद सामने आया। आरोपियों ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है, और जांच जारी है।
AI सारांश
3 bulletsछात्रवृत्ति धोखाधड़ी मामले में CBI ने छह के खिलाफ दर्ज की…
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक कथित छात्रवृत्ति घोटाले के संबंध में यूको बैंक के एक पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक सहित छह व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिसमें लगभग ₹1 करोड़ की धोखाधड़ी हुई है। मध्य प्रदेश के भोपाल में हुए इस धोखाधड़ी में एमबीए छात्रों के लिए निर्धारित सरकारी छात्रवृत्ति राशि का गबन किया गया।
कार्यप्रणाली: फर्जी खाते और जाली दस्तावेज
जांचकर्ताओं का आरोप है कि जनवरी 2020 से अक्टूबर 2021 के बीच वास्तविक छात्रों की जानकारी या सहमति के बिना 118 फर्जी बैंक खाते खोले गए। इन धोखाधड़ी वाले खातों को सुविधाजनक बनाने के लिए जाली खाता खोलने वाले फॉर्म, जाली हस्ताक्षर और मनगढ़ंत केवाईसी दस्तावेजों का उपयोग किया गया था। भोपाल के एक निजी प्रबंधन कॉलेज से कथित तौर पर इन खातों को खोलने के लिए फर्जी बोनाफाइड प्रमाणपत्र जारी किए गए थे।
कॉलेज अधिकारियों के मोबाइल नंबरों के माध्यम से निकाले गए…
इन फर्जी खातों से जुड़े मोबाइल नंबर छात्रों के नहीं, बल्कि कॉलेज के अधिकारियों या उनके सहयोगियों के थे, जिससे वे बैंकिंग लेनदेन के लिए वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) प्राप्त कर सकते थे। इन खातों से जुड़े एटीएम कार्ड कथित तौर पर कॉलेज के एक कर्मचारी राम सिंह वर्मा को सौंप दिए गए थे। एक बार छात्रवृत्ति राशि, कुल लगभग ₹99.48 लाख, जमा होने के बाद, उन्हें एटीएम कार्ड और ओटीपी प्रमाणीकरण के माध्यम से तुरंत निकाल लिया गया।
मुख्य आरोपी और चल रही जांच
FIR में पूर्व यूको बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक प्रेमा वर्मा, कॉलेज निदेशक विनय मल्होत्रा, प्रोफेसर आदित्य मल्होत्रा, सहायक प्रोफेसर मनोज जैन और विनेश मेश्राम, और कॉलेज कर्मचारी राम सिंह वर्मा, साथ ही अन्य अज्ञात व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। यह मामला यूको बैंक के भोपाल ज़ोन के क्षेत्रीय प्रमुख लोकेश कुमार की शिकायत के बाद शुरू किया गया था। सीबीआई डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और बैंक लेनदेन डेटा की जांच कर रही है, और अन्य संस्थानों में संभावित समान घोटालों की भी जांच कर रही है।
क्यों मायने रखता है
यह घोटाला सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की धोखाधड़ी गतिविधियों के प्रति भेद्यता और वित्तीय संस्थानों व शैक्षिक निकायों में सख्त निगरानी की आवश्यकता को उजागर करता है। यह वित्तीय अखंडता और योग्य छात्रों के लिए संसाधन आवंटन के एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर ज़ोर देता है, जो एक ऐसी प्रणालीगत विफलता को दर्शाता है जिसने फर्जी खातों और जाली दस्तावेजों को सार्वजनिक धन के डायवर्जन की सुविधा प्रदान की।
मुख्य तथ्य
- •Accused Booked: Six individuals, including a former UCO Bank manager
- •Scam Amount: Nearly ₹1 crore (₹99.48 lakh)
- •Time Period: January 2020 to October 2021
- •Number of Fake Accounts: 118
- •Location: Bhopal, Madhya Pradesh
- •Complainant: Lokesh Kumar, Zonal Head and Deputy General Manager of UCO Bank, Bhopal Zone
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