वायरल वीडियो विवाद: SGPC ने CM मान के खिलाफ FIR की मांग की
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है। यह कार्रवाई एक वायरल वीडियो विवाद से उपजी है, जहाँ मान पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप है। SGPC का आरोप है कि मान ने वीडियो के संबंध में सबूत गढ़ने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया, जिसमें कथित तौर पर उन्हें आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त दिखाया गया है। यह निर्णय अकाल तख्त के एक फरमान के बाद आया है, जिसमें मान को "गुरु विरोधी" घोषित किया गया है और व्यापक बहिष्कार हुआ है, इसके बावजूद मान का लगातार दावा है कि वीडियो मनगढ़ंत है और उसमें एक हमशक्ल है। SGPC इस मामले को आगे बढ़ाने के लिए DGP पंजाब से मिलने की योजना बना रही है।
AI सारांश
3 bulletsSGPC ने CM के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है। यह मांग वायरल वीडियो विवाद से संबंधित फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने वाले पुलिस अधिकारियों पर भी लागू होती है। SGPC का मानना है कि मान ने जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और अपने संवैधानिक पद का दुरुपयोग किया है।
सबूत गढ़ने के आरोप
SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि प्रस्ताव में विशेष रूप से मुख्यमंत्री मान पर सबूत गढ़ने के लिए सरकारी मशीनरी का उपयोग करने का आरोप लगाया गया है। समिति का आरोप है कि वायरल वीडियो मामले में तथ्यों को दबाया गया था, जिससे कानूनी कार्रवाई की मांग करने का उनका निर्णय हुआ। वे अपनी मांगों को आगे बढ़ाने के लिए पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) से मिलने की योजना बना रहे हैं।
बहिष्कार और फरमानों का संदर्भ
यह घटनाक्रम पूरे पंजाब में मुख्यमंत्री मान के खिलाफ व्यापक सामाजिक बहिष्कार के पोस्टरों की पृष्ठभूमि में हुआ है। इसके अलावा, अकाल तख्त ने पहले 15 जून को एक फरमान जारी कर मान को विवादास्पद वीडियो के संबंध में 'गुरु दोखी' (गुरु विरोधी) और 'खालसा पंथ विरोधी' (खालसा पंथ विरोधी) घोषित किया था। अकाल तख्त ने इस साल की शुरुआत में 'गुरु की गोलक' पर टिप्पणी के लिए मान को तलब भी किया था।
मुख्यमंत्री मान का सतत बचाव
मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार अपनी बेगुनाही का दावा करते रहे हैं, उनका कहना है कि वायरल वीडियो मनगढ़ंत या AI-जनरेटेड है। उनका तर्क है कि वह आपत्तिजनक फुटेज में दिख रहा व्यक्ति नहीं हैं और उन्होंने अपने दावे का समर्थन करने के लिए फोरेंसिक रिपोर्ट प्रस्तुत की है कि एक अभिनेता ने उनकी नकल की थी। मान ने वीडियो में दिख रहे व्यक्ति पर सर्जिकल निशान की अनुपस्थिति को भी उजागर किया, जो उनके पास है।
मान ने SGPC के इरादों पर सवाल उठाए
मान ने SGPC की कार्रवाइयों पर सवाल उठाया है, विशेष रूप से गुरुद्वारों के बाहर बहिष्कार बोर्ड लगाने पर, जबकि अकाल तख्त के अधिकार का सम्मान करते हैं। उन्होंने पूर्व अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल का उदाहरण दिया, जिन्हें 'तनखैया' (धार्मिक कदाचार का दोषी) घोषित किया गया था, यह पूछते हुए कि उनके खिलाफ समान बहिष्कार क्यों नहीं शुरू किए गए। मान ने यह भी आरोप लगाया कि SGPC अध्यक्ष की वफादारी पंथ के बजाय एक राजनीतिक दल के साथ है।
क्यों मायने रखता है
यह घटना सिख धार्मिक संस्था और मुख्यमंत्री के बीच चल रहे तनाव को बढ़ाती है, जिससे पंजाब में कानूनी कार्रवाई और आगे सामाजिक अशांति पैदा हो सकती है।
मुख्य तथ्य
- •Body Seeking FIR: SGPC
- •Target of FIR: CM Bhagwant Mann and Punjab Police officials
- •Reason for FIR: Viral video controversy, hurting religious sentiments, misusing office, fabricating evidence
- •Previous Action: Akal Takht declared Mann 'Guru Dokhi'
- •CM's Defense: Video is fabricated, features a lookalike/mask
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