हंगरी संसद ने राष्ट्रपति सुल्योक को हटाया
हंगरी की संसद ने राष्ट्रपति तमास सुल्योक को हटाने के लिए एक संवैधानिक संशोधन को मंजूरी दे दी है। यह कदम पूर्व प्रधान मंत्री विक्टर ओर्बान के सहयोगियों के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से है। 139 मतों के साथ पारित यह संशोधन, सुल्योक के कार्यकाल को तुरंत समाप्त कर देगा, जिससे नए राष्ट्रपति चुनाव का मार्ग प्रशस्त होगा। यह पीटर मैग्यार की टिज़ा पार्टी की शानदार जीत के बाद आया है, जिसने ओर्बान की फिदेज़ पार्टी के 16 साल के शासन को समाप्त कर दिया। सुल्योक के पास संशोधन पर हस्ताक्षर करने के लिए पांच दिन हैं, ऐसा न करने पर महाभियोग की कार्यवाही शुरू की जाएगी। नई सरकार न्यायिक सुधारों, वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए एक निकाय और सांसदों के लिए कार्यकाल सीमा भी चाहती है।
AI सारांश
3 bulletsराष्ट्रपति को हटाने की मंज़ूरी
हंगरी की संसद ने राष्ट्रपति तमास सुल्योक को उनके ज़्यादातर औपचारिक पद से हटाने के लिए एक संवैधानिक संशोधन पारित किया है। 139 मतों के पक्ष में और केवल छह के विरोध में अनुमोदित यह निर्णय, पूर्व प्रधान मंत्री विक्टर ओर्बान से जुड़े व्यक्तियों की शक्ति को कम करने का लक्ष्य रखता है।
नई सरकार का व्यापक एजेंडा
यह कदम पीटर मैग्यार की टिज़ा पार्टी की शानदार जीत के बाद आया है, जिसने विक्टर ओर्बान की फिदेज़ पार्टी के 16 साल के शासन को समाप्त कर दिया। नई सरकार व्यवस्थित रूप से पुराने नेताओं को निशाना बना रही है, संवैधानिक संशोधन में न्यायिक सुधार भी पेश किए जा रहे हैं, वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए एक निकाय बनाया जा रहा है, और सांसदों पर 12 साल की कार्यकाल सीमा लगाई जा रही है।
सुल्योक की दुविधा और महाभियोग का खतरा
राष्ट्रपति सुल्योक के पास संवैधानिक संशोधन पर हस्ताक्षर करने के लिए पांच दिन हैं। प्रधान मंत्री मैग्यार ने कहा है कि यदि सुल्योक इस पर हस्ताक्षर करने में विफल रहते हैं, तो संसद उनके खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करेगी। सुल्योक और फिदेज़ के अन्य सदस्यों ने संसदीय सत्र का बहिष्कार किया जहाँ मतदान हुआ था।
ओर्बान-युग की नियुक्तियों का संदर्भ
संविधान न्यायालय के पूर्व प्रमुख सुल्योक को फरवरी 2024 में कटालिन नोवाक के स्थान पर राष्ट्रपति चुना गया था, जिन्होंने एक क्षमादान घोटाले के बाद इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति पद ज़्यादातर औपचारिक होने के बावजूद, नए प्रधान मंत्री ने सुल्योक को "अयोग्य" और ओर्बान की "कठपुतली" माना, क्योंकि उन्हें डर था कि वह कानूनों को मंजूरी देने या उनकी समीक्षा करने की अपनी शक्तियों का उपयोग करके टिज़ा के सुधार एजेंडे में बाधा डाल सकते हैं।
क्यों मायने रखता है
यह कदम हंगरी में एक बड़े सत्ता परिवर्तन का संकेत देता है, क्योंकि नई सत्तारूढ़ पार्टी पिछली लंबे समय से शासन कर रही सरकार के प्रभाव को व्यवस्थित रूप से समाप्त कर रही है। यह नई सरकार की व्यापक सुधारों और भ्रष्टाचार विरोधी एजेंडे के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर करता है, जिसके हंगरी के राजनीतिक परिदृश्य और लोकतांत्रिक संस्थानों के लिए संभावित निहितार्थ हैं।
मुख्य तथ्य
- •Votes in favour of amendment: 139
- •Votes against amendment: 6
- •Days for Sulyok to sign: 5 days
- •Previous ruling party's reign: 16 years
- •Presidential election date for…: February 2024
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