कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी की उनके मामलों से संबंधित तत्काल सुनवाई की अपील खारिज कर दी। बनर्जी, जिन पर कई एफआईआर दर्ज हैं, ने अपनी आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा का हवाला देते हुए जल्द सुनवाई का अनुरोध किया था। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि मामले की सामान्य प्रक्रिया से सुनवाई होगी और तत्काल सुनवाई की अनुमति नहीं दी जा सकती। बनर्जी से पश्चिम बंगाल सीआईडी ने हस्ताक्षर धोखाधड़ी मामले में और ईडी ने भर्ती घोटाले में पूछताछ की है, लेकिन ये जांचें उनकी अंतरराष्ट्रीय यात्रा को बाधित नहीं करती हैं। 2016 में एक दुर्घटना में उनकी आंखों में गंभीर चोटें आई थीं, जिसके लिए सर्जरी की आवश्यकता पड़ी थी।
AI सारांश
3 bulletsतत्काल सुनवाई की याचिका खारिज
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार, 24 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी की उनके खिलाफ चल रहे विभिन्न मामलों से संबंधित तत्काल सुनवाई की याचिका को अस्वीकार कर दिया। बनर्जी ने विदेश में आंखों के इलाज के लिए अपनी योजना को सुविधाजनक बनाने हेतु त्वरित सुनवाई का अनुरोध किया था।
सामान्य प्रक्रिया पर न्यायालय का रुख
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने फैसला सुनाया कि मामलों की सुनवाई सामान्य न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से की जाएगी। न्यायालय ने जोर दिया कि वैध कारणों के बिना कोई तत्काल सुनवाई नहीं दी जा सकती, जिससे मानक न्यायिक प्रक्रियाओं को कायम रखा जा सके।
बनर्जी के खिलाफ जारी जांचें
अभिषेक बनर्जी वर्तमान में कई जांचों का सामना कर रहे हैं, जिसमें पश्चिम बंगाल सीआईडी द्वारा राज्य विधानसभा हस्ताक्षर धोखाधड़ी मामले और भड़काऊ टिप्पणी करने के आरोपों के संबंध में पूछताछ शामिल है। उनसे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी एक कथित भर्ती घोटाले के संबंध में पूछताछ की है।
चिकित्सा इतिहास और यात्रा स्थिति
अक्टूबर 2016 में, बनर्जी को एक सड़क दुर्घटना में आंखों में गंभीर चोटें आई थीं, जिसके लिए सर्जरी की आवश्यकता पड़ी थी। चल रही कानूनी कार्यवाही और समन के बावजूद, अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उनके चिकित्सा उपचार के लिए विदेश यात्रा करने पर कोई वर्तमान प्रतिबंध नहीं है।
क्यों मायने रखता है
एक प्रमुख राजनीतिक हस्ती की त्वरित न्यायिक प्रक्रिया की याचिका को अस्वीकार करना न्यायपालिका के विशेष व्यवहार पर रुख को उजागर करता है, जिससे न्याय तक समान पहुंच के सिद्धांत को बल मिलता है।
मुख्य तथ्य
- •Court: Calcutta High Court
- •Judge: Justice Saugata Bhattacharya
- •Applicant: Abhishek Banerjee (TMC Leader)
- •Date of Decision: June 24, 2026
- •Reason for urgent hearing plea: Eye treatment abroad
- •Cases against Banerjee: State Assembly signature fraud, inflammatory remarks, recruitment scam
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