स्पीकर ओम बिरला TMC विभाजन पर दोनों पक्षों को सुनेंगे
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला विद्रोही टीएमसी सांसदों के एक अलग गुट बनाने के संबंध में दोनों पक्षों को सुनेंगे, जो संभवतः राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ विलय करना चाहते हैं। 20 असंतुष्ट सांसदों ने NCPI से स्वीकृति और राजग के साथ गठबंधन का दावा किया है। अभिषेक बनर्जी, जो ममता बनर्जी के साथ हैं, इस मान्यता का विरोध कर रहे हैं और ईडी की पूछताछ के कारण बिरला से नहीं मिल पाए। कीर्ति आज़ाद ने अभिषेक का प्रतिनिधित्व किया। स्पीकर इस राजनीतिक विवाद के बीच एक संतुलित निर्णय लेना चाहते हैं।
AI सारांश
3 bulletsस्पीकर दोनों पक्षों को सुनेंगे
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पुष्टि की है कि वे तृणमूल कांग्रेस के विद्रोही सांसदों और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले समूह दोनों की बात सुनेंगे, इससे पहले कि वे एक अलग गुट को मान्यता देने पर कोई निर्णय लें। विद्रोही सांसद राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ विलय की मांग कर रहे हैं और NDA के साथ गठबंधन का दावा कर रहे हैं।
अभिषेक बनर्जी की अनुपस्थिति
ममता गुट का प्रतिनिधित्व कर रहे अभिषेक बनर्जी को स्पीकर ने बुलाया था, लेकिन स्कूल जॉब घोटाला जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा चल रही पूछताछ के कारण वे उपस्थित नहीं हो सके। टीएमसी सांसद कीर्ति आज़ाद ने उनकी ओर से बिरला से मुलाकात की, स्थिति स्पष्ट की और विद्रोही गुट की मान्यता के प्रति अभिषेक के विरोध से अवगत कराया।
विद्रोही गुट के दावे
विद्रोही टीएमसी सांसदों का नेतृत्व कर रहीं काकोली घोष दस्तीदार ने बताया कि NCPI ने सभी असंतुष्ट सांसदों को स्वीकार करने पर सहमति जताई है और ज्योतिप्रकाश चटर्जी को अपना नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने दावा किया कि उनके समूह में वर्तमान में 20 सांसद हैं, जिनकी संख्या 22 तक बढ़ सकती है, और वे NDA के साथ काम करेंगे।
टीएमसी का कड़ा विरोध
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले समूह ने अलग हुए गुट को 'गद्दार टीम' (गद्दार गुट) करार देते हुए दृढ़ता से खारिज कर दिया है, जिसका नेतृत्व नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि असली टीएमसी का नेतृत्व ममता बनर्जी करती हैं, और पार्टी के आधिकारिक प्रतीक पर प्रकाश डाला।
भविष्य के कदम और कानूनी प्रक्रिया
विद्रोही गुट के एक वरिष्ठ नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने पुष्टि की कि NCPI के साथ उनके विलय का प्रारंभिक चरण पूरा हो चुका है। उन्होंने संकेत दिया कि संसद के मानसून सत्र से पहले आगे की चर्चाएं होंगी, और भविष्यवाणी की कि कई मुद्दे अंततः अदालत में सुलझाए जाएंगे।
क्यों मायने रखता है
स्पीकर का निर्णय लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के भीतर शक्ति संतुलन को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करेगा और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक गठबंधनों को नया आकार दे सकता है।
मुख्य तथ्य
- •Number of Rebel MPs: 20 (potentially increasing to 22)
- •Proposed Merger Party: Nationalist Citizens Party of India (NCPI)
- •Speaker Hearing Date: Monday (for Abhishek Banerjee)
- •Abhishek Banerjee's Reason for Absence: ED questioning in school job scam
- •Rebel MPs' Alliance Claim: With NDA under PM Modi and Amit Shah
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