पूर्व बंगाली मंत्री ज्योतिप्रिया मल्लिक ने TMC के सभी पार्टी पदों से दिया इस्तीफा
पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिया मल्लिक ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है। पांच बार के विधायक मल्लिक हाल ही में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति में शामिल हुए थे, लेकिन सात दिनों के भीतर ही उन्होंने पद छोड़ दिया। उन्होंने अपने इस फैसले का कारण क्रोनिक हाई ब्लड शुगर और किडनी की समस्याओं को बताया, जिससे उनके लिए संगठनात्मक गतिविधियों को जारी रखना चिकित्सकीय रूप से असंभव हो गया था। मल्लिक को अक्टूबर 2023 में राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था और जनवरी 2025 में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था। वह हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में हाबरा निर्वाचन क्षेत्र से हार गए थे।
AI सारांश
3 bulletsमल्लिक का पार्टी पदों से इस्तीफा
ज्योतिप्रिया मल्लिक, जो पांच बार के तृणमूल कांग्रेस विधायक और ममता बनर्जी मंत्रिमंडल में पूर्व मंत्री रह चुके हैं, ने तृणमूल कांग्रेस के भीतर सभी संगठनात्मक पदों से अपना इस्तीफा दे दिया है। यह निर्णय पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति में उनके हालिया शामिल होने के बाद आया है, जिससे उन्होंने सात दिनों के भीतर इस्तीफा दे दिया। मल्लिक ने अपने इस्तीफे का आधिकारिक कारण खराब स्वास्थ्य बताया है।
स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और चिकित्सीय अक्षमता
मल्लिक ने बताया कि वह उच्च रक्त शर्करा के मरीज हैं और मधुमेह के कारण उनकी किडनी प्रभावित हुई है, जिससे उनके लिए तृणमूल कांग्रेस की संगठनात्मक गतिविधियों को जारी रखना चिकित्सकीय रूप से असंभव हो गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उनके सभी पार्टी पदों को छोड़ने के फैसले के पीछे मुख्य कारण हैं।
गिरफ्तारी और कानूनी परेशानियां
27 अक्टूबर, 2023 को, ज्योतिप्रिया मल्लिक को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पश्चिम बंगाल में एक बहु-करोड़ राशन वितरण घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जब वह खाद्य और आपूर्ति मंत्री थे। एक साल से अधिक हिरासत में रहने के बाद, उन्हें जनवरी 2025 में जमानत पर रिहा कर दिया गया। हालांकि वह विधायक के रूप में बने रहे, लेकिन रिहाई के बाद उन्हें कोई मंत्री पद नहीं दिया गया।
चुनावी हार और राजनीतिक स्थिति
हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में, मल्लिक को हाबरा निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में फिर से नामांकित किया गया था। हालांकि, वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के देबदास मंडल से 31,000 से अधिक मतों के अंतर से हार गए। उनकी चुनावी हार और कानूनी मुद्दों के बावजूद, उन्हें ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी माना जाता था।
क्यों मायने रखता है
ज्योतिप्रिया मल्लिक, जो एक प्रमुख नेता और ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी हैं, का सभी पार्टी पदों से इस्तीफा उनके चल रहे कानूनी मामलों और हालिया चुनावी हार के बीच आया है। यह घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस के लिए संभावित आंतरिक चुनौतियों का संकेत देता है।
मुख्य तथ्य
- •Resignation: Jyotipriya Mallick resigned from all Trinamool Congress organizational posts.
- •Reason: Cited poor health, specifically high blood sugar and kidney issues.
- •Arrest: Arrested on October 27, 2023, in a ration distribution scam.
- •Release: Released on bail in January 2025.
- •Legislator Tenure: Five-time Trinamool Congress legislator from Gaighata (2001-2011) and Habra (2011-2026).
- •Electoral Defeat: Lost the recently concluded Assembly election from Habra by over 31,000 votes to a BJP candidate.
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