टीएमसी में गहराया संकट, सांसद बागी हुए और नेताओं ने दिया इस्तीफा

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) एक बढ़ते आंतरिक संकट का सामना कर रही है, क्योंकि कई सांसद बागी हो गए हैं और वरिष्ठ नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है। काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले एक गुट का दावा है कि उनके बागी खेमे को लगभग 20 सांसदों का समर्थन प्राप्त है और वे भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल होने को तैयार हैं। राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव और वरिष्ठ नेता सुखेन्दु शेखर रे ने इस्तीफा दे दिया है। दिग्गज नेता कल्याण बनर्जी ने महासचिव अभिषेक बनर्जी की आलोचना की, और ममता बनर्जी को उनमें से एक को चुनने की चुनौती दी। मानस भुइयां ने भी पार्टी छोड़ दी है। पार्टी में फेरबदल के तहत कुणाल घोष को उत्तर कोलकाता इकाई का प्रमुख नियुक्त किया गया।
क्यों मायने रखता है
टीएमसी के भीतर चल रहा आंतरिक कलह पश्चिम बंगाल में उसकी राजनीतिक स्थिति को काफी प्रभावित कर सकता है, जिससे महत्वपूर्ण चुनावों से पहले पार्टी कमजोर हो सकती है और राज्य की राजनीतिक तस्वीर बदल सकती है।
मुख्य तथ्य
- •Rebel MPs: Kakoli Ghosh Dastidar claims nearly 20 MPs support dissident camp.
- •Potential Alliance: Dissident MPs willing to support BJP-led NDA.
- •Resignations: Rajya Sabha MP Sushmita Dev and senior leader Sukhendu Sekhar Ray resigned. Manas Bhuiyan also quit.
- •Internal Criticism: Kalyan Banerjee criticized Abhishek Banerjee and challenged Mamata Banerjee.
- •Organizational Changes: Kunal Ghosh appointed President of TMC North Kolkata unit.
- •Advisory Role: Sougata Roy appointed Advisor in Lok Sabha for TMC.
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