पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में दोषी करार
दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के आरोप में पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य को दोषी ठहराया है। सबूतों के अभाव में छह अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया। अदालत ने हुसैन को हत्या, धार्मिक वैमनस्य को बढ़ावा देने, दंगा और हमले का दोषी पाया। अंकित शर्मा का शव 25 फरवरी, 2020 को लापता होने के बाद उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एक नाले से बरामद किया गया था। यह फैसला 2020 के दिल्ली दंगों से संबंधित मामलों में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई थी।
AI सारांश
3 bulletsपूर्व AAP पार्षद दोषी करार
दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराया है। यह फैसला उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान हुई घटना के छह साल से अधिक समय बाद आया है।
आरोपों का विवरण
ताहिर हुसैन को हत्या, विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने, दंगा करने और हमले से संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया था। हालांकि, उनके खिलाफ आपराधिक साजिश का आरोप अदालत ने हटा दिया। सह-अभियुक्त नज़ीम, कासिम, जावेद और अनस को भी दोषी पाया गया।
अंकित शर्मा का लापता होना और मृत्यु
आईबी अधिकारी अंकित शर्मा 25 फरवरी, 2020 को दिल्ली दंगों के चरम पर अपने घर से निकलने के बाद लापता हो गए थे। उनके पिता, रवींद्र कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि ताहिर हुसैन और अन्य उनके बेटे की हत्या के लिए जिम्मेदार थे। शर्मा का शव बाद में खजूरी खास नाले से बरामद किया गया था।
छह आरोपियों को बरी किया गया
मामले के ग्यारह आरोपियों में से छह व्यक्तियों को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने बरी कर दिया। अदालत ने उनके खिलाफ पर्याप्त सबूतों की कमी को उनके बरी होने का कारण बताया। बरी किए गए लोगों में हसीन, समीर खान, फिरोज, गुलफाम, शोएब आलम और मुंतजिम शामिल हैं।
दिल्ली दंगों का व्यापक संदर्भ
अंकित शर्मा की हत्या फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली को घेरने वाली व्यापक सांप्रदायिक हिंसा के बीच हुई थी। नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के विरोध प्रदर्शनों से शुरू हुए इन दंगों में 53 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए, जो राजधानी के हाल के इतिहास में एक काला अध्याय है।
क्यों मायने रखता है
यह फैसला 2020 के दिल्ली दंगों के मामलों में एक महत्वपूर्ण कानूनी परिणाम है, जो व्यापक हिंसा के दौरान एक इंटेलिजेंस ब्यूरो अधिकारी की हत्या के लिए जवाबदेही तय करता है।
मुख्य तथ्य
- •Convicted: Tahir Hussain, Nazim, Kasim, Javed, Anas
- •Acquitted: Six accused due to lack of evidence
- •Victim: IB Officer Ankit Sharma
- •Incident Date: February 25, 2020
- •Case Filed By: Ravinder Kumar (Ankit Sharma's father)
- •Charges Against Hussain: Murder, promoting religious enmity, rioting, assault
क्या यह मददगार था?
Reader pulse
0 votesGenerate a 5-question quiz from this article.
चर्चा
Discussion (0)
Loading…