सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, जेपी नड्डा ने की मुलाकात
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद 27 दिनों का अपना अनशन समाप्त कर दिया। वांगचुक ने 28 जून को दिल्ली में कथित परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर अपना उपवास शुरू किया था। बिगड़ते स्वास्थ्य के कारण उन्हें 19 जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने अपनी मांगों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई न करने के सरकारी आश्वासन के बाद अपना अनशन तोड़ा। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए पेपर लीक के खिलाफ कड़े कानूनों का वादा किया, जिसमें जल्द ही संसद में एक नया विधेयक आने की उम्मीद है।
AI सारांश
3 bulletsमंत्रियों से मुलाकात के बाद वांगचुक का अनशन समाप्त
शिक्षा सुधारों और पर्यावरण संरक्षण की वकालत के लिए जाने जाने वाले पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना 27 दिवसीय अनशन समाप्त कर दिया। यह निर्णय मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ एक बैठक के बाद आया, जो विरोध के साथ सरकारी जुड़ाव के एक महत्वपूर्ण क्षण को दर्शाता है।
बिगड़ते स्वास्थ्य के बीच अस्पताल में भर्ती
वांगचुक ने 28 जून 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना अनशन शुरू किया था, मुख्य रूप से कथित परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए और शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे थे। अनशन के दौरान उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता गया, जिसके बाद 19 जुलाई को अदालत के आदेश और डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सरकारी आश्वासनों से निकला समाधान
अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद, वांगचुक ने अपना अनशन जारी रखा, सरकार के साथ बातचीत और प्रदर्शनकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई न करने के आश्वासन पर जोर दिया। अनशन समाप्त करने का उनका निर्णय सरकार से मिले सकारात्मक आश्वासनों के बाद आया, जिसे मंत्रियों नड्डा और सिंह ने अपनी देर रात की यात्रा के दौरान बताया, जहां नड्डा ने व्यक्तिगत रूप से उन्हें भोजन दिया।
पीएम मोदी ने पेपर लीक पर चिंता जताई
इन घटनाओं के साथ, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट पेपर लीक के मुद्दे पर छात्रों को एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, और एक मजबूत कानून को अंतिम रूप देने के लिए कैबिनेट बैठक की घोषणा की। यह नया कानून जल्द ही संसद में पेश होने की उम्मीद है।
क्यों मायने रखता है
सोनम वांगचुक के अनशन ने शिक्षा सुधारों और परीक्षा पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर किया, जिसने भारत में शासन और छात्र कल्याण संबंधी चिंताओं पर ध्यान आकर्षित किया।
मुख्य तथ्य
- •Hunger Strike Duration: 27 days
- •Strike Start Date: June 28, 2026
- •Hospitalization Date: July 19, 2026
- •Strike End Date: July 24, 2026
- •Location: Medanta Hospital, Delhi (started at Jantar Mantar)
- •Ministers Present: JP Nadda, Jitendra Singh
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