स्मार्ट मीटर से नहीं बढ़ता बिजली बिल: छत्तीसगढ़ सर्वे
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) द्वारा रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में किए गए एक सर्वेक्षण ने उन दावों को खारिज कर दिया है कि स्मार्ट मीटर से बिजली के बिल बढ़ते हैं। मई, जून और जुलाई के बिलिंग डेटा का विश्लेषण करने वाले इस अध्ययन से पता चला कि बिजली की खपत मुख्य रूप से मौसम और उपकरणों के उपयोग के कारण घटती-बढ़ती है, न कि मीटर के कारण। उदाहरण के लिए, रायपुर में जुलाई में खपत में 28% की गिरावट देखी गई, जबकि 400 यूनिट से अधिक खपत वाले बड़े उपभोक्ताओं में 44-53% की कमी आई। 4,500 चेक मीटर लगाने से स्मार्ट मीटर रीडिंग की 100% सटीकता की भी पुष्टि हुई, जिससे उपभोक्ताओं को उनकी विश्वसनीयता के बारे में आश्वस्त किया गया और सार्वजनिक आशंकाओं को दूर किया गया।
AI सारांश
3 bulletsस्मार्ट मीटर से नहीं बढ़ रहा बिल
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) ने उन दावों का खंडन किया है कि स्मार्ट मीटर से बिजली के बिल बढ़ते हैं। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में किए गए एक व्यापक सर्वेक्षण से यह निष्कर्ष निकला कि बिजली की खपत में बदलाव मुख्य रूप से मौसमी विविधताओं और बिजली के उपकरणों के उपयोग से प्रभावित होता है, न कि स्मार्ट मीटर लगाने से।
रायपुर में खपत में बड़ी गिरावट
मई, जून और जुलाई के बिलिंग डेटा के विश्लेषण से जुलाई के दौरान रायपुर में बिजली की खपत में 28% की कमी आई। विशेष रूप से, 400 यूनिट से अधिक का उपयोग करने वाले बड़े उपभोक्ताओं में 44% से 53% की और भी बड़ी कमी देखी गई। यह दर्शाता है कि खपत में बदलाव वास्तविक उपयोग पैटर्न से जुड़ा है, जैसे ठंडे मौसम में एसी के कम उपयोग से।
दुर्ग और बिलासपुर में भी समान रुझान
दुर्ग और बिलासपुर में भी बिजली की खपत में कमी के समान रुझान देखे गए। दुर्ग में, 400 यूनिट से अधिक का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं ने जुलाई में पिछले महीनों की तुलना में 53% की गिरावट देखी। बिलासपुर ने भी अपने उच्च-उपयोग वाले स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए खपत में 43% की कमी दर्ज की। ये निष्कर्ष इस बात को पुष्ट करते हैं कि स्मार्ट मीटर स्वाभाविक रूप से बिजली के उपयोग को नहीं बढ़ाते हैं।
स्मार्ट मीटर की सटीकता की पुष्टि
उपभोक्ताओं के संदेहों को दूर करने के लिए, CSPDCL ने 4,500 चेक मीटर लगाए, जिन्होंने स्मार्ट मीटर की तुलना में लगातार 100% सटीक रीडिंग दिखाई। इस व्यापक सत्यापन प्रक्रिया का उद्देश्य नई मीटरिंग तकनीक में विश्वास पैदा करना है। उपभोक्ता 'मोर बिजली ऐप' और एक समर्पित स्मार्ट मीटर पोर्टल के माध्यम से अपनी दैनिक बिजली खपत की निगरानी भी कर सकते हैं, जिससे पारदर्शिता और सूचित खपत को बढ़ावा मिलता है।
क्यों मायने रखता है
CSPDCL द्वारा किया गया यह सर्वेक्षण स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों पर उनके प्रभाव के बारे में लंबे समय से चली आ रही सार्वजनिक गलत धारणाओं को स्पष्ट करता है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है और उपभोक्ताओं के साथ विश्वास फिर से बनता है।
मुख्य तथ्य
- •Survey Cities: Raipur, Bilaspur, Durg
- •Survey Duration: May, June, July (2026)
- •Raipur Consumption Drop (July): 28%
- •Large Consumer Consumption Drop…: 44-53%
- •Check Meters Accuracy: 100%
- •Total Raipur Smart Meter Consumers…: 3,11,374
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