चंडीगढ़ पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े नार्को-टेरर नेटवर्क का भंडाफोड़ किया
चंडीगढ़ पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े एक सीमा पार नार्को-टेरर नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पिछले महीने एक कैशियर की हत्या की जांच के बाद की गई। पुलिस ने तरनतारन और अमृतसर में छापेमारी के दौरान 3.028 किलोग्राम ICE (मेथाम्फेटामाइन), ₹8 लाख की नकली मुद्रा और दो पिस्तौल बरामद कीं। यह नेटवर्क, जिसका संचालन विदेशी हैंडलर करते थे और जिसमें गैंगस्टर धर्मेंद्र सिंह उर्फ गोली की भी संलिप्तता थी, मादक पदार्थों की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करता था। जांच में हथियारों, नशीले पदार्थों और नकली मुद्रा से जुड़े एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा हुआ, जो पंजाब की सीमा पार आपराधिक गतिविधियों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।
AI सारांश
3 bulletsसीमा पार नार्को-आतंक नेटवर्क का भंडाफोड़
चंडीगढ़ पुलिस ने हथियारों, नशीले पदार्थों और नकली भारतीय मुद्रा (FICN) की आपूर्ति में शामिल एक परिष्कृत सीमा पार और अंतर-राज्यीय नेटवर्क को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया है। इस अभियान के परिणामस्वरूप तीन व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई और पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से कथित लिंक का पता चला, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा सामने आया है।
मुख्य गिरफ्तारियां और बरामदगी
तरनतारन के आकाश कुमार उर्फ मणि, सचिन सिल्वेस्टर और गुरमीत सिंह बादशाह को तरनतारन और अमृतसर जिलों में छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने 3.028 किलोग्राम नशीला पदार्थ ICE (मेथामफेटामाइन), ₹8 लाख मूल्य के नकली नोट और दो परिष्कृत पिस्तौलें तथा मैगज़ीन बरामद कीं।
जेल में बंद सरगना की भूमिका
धर्मेंद्र सिंह उर्फ गोली, एक कुख्यात गैंगस्टर जो पहले से ही कपूरथला जेल में बंद है और जिसके खिलाफ 32 आपराधिक मामले दर्ज हैं, को मुख्य सरगना के रूप में पहचाना गया है। आरोप है कि वह विदेशी हैंडलरों के इशारे पर काम करता था, नेटवर्क का समन्वय करता था और एक कैशियर की हत्या में शामिल सदस्यों और शूटरों के बीच बैठकें आयोजित करता था।
सीमा पार कार्यप्रणाली
जांच में एक परिष्कृत कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ, जहां पाकिस्तान स्थित हैंडलर कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन का उपयोग करके पंजाब में सीमा पार मादक पदार्थों को गिराते हैं। एक कड़ा नियंत्रित स्थानीय नेटवर्क, जो एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन के माध्यम से संचालित होता है, फिर अवैध गतिविधियों के वितरण और निष्पादन को संभालता है।
कैशियर की हत्या से संबंध
इस नेटवर्क का भंडाफोड़ 13 जून को चंडीगढ़ के सेक्टर 11 में फार्मेसी कैशियर जानकी दास की दिनदहाड़े हुई हत्या की जांच के दौरान मिले सुरागों से हुआ है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों, विशेष रूप से गुरमीत सिंह बादशाह ने, इस हाई-प्रोफाइल मामले में शामिल हमलावरों को आश्रय और सहायता प्रदान की थी।
क्यों मायने रखता है
यह भंडाफोड़ मादक पदार्थों की तस्करी, आतंकवाद और संगठित अपराध के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध को उजागर करता है, यह दर्शाता है कि कैसे बाहरी तत्व राष्ट्रीय सुरक्षा को अस्थिर करने और अवैध गतिविधियों को वित्तपोषित करने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों का फायदा उठाते हैं। सीमा पार संचालन के लिए ड्रोन और एन्क्रिप्टेड संचार का उपयोग कानून प्रवर्तन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती पेश करता है।
मुख्य तथ्य
- •Arrests Made: 3 individuals, plus formal arrest of master conspirator Dharminder Singh alias Goli.
- •Recoveries: 3.028 kg ICE (Methamphetamine), ₹8 lakh fake currency, 2 pistols.
- •Location of Raids: Tarn Taran and Amritsar districts of Punjab.
- •Modus Operandi: Drones for contraband drops, encrypted messaging for coordination, jailed kingpins.
- •Key Conspirator: Dharminder Singh alias Goli, operating from Kapurthala jail, with 32 prior criminal cases.
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