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दौसा बस आग: कलेक्टर ने खोली जांच रिपोर्ट

Briovo· 06 Jul 2026, 10:34 am IST
दौसा बस आग: कलेक्टर ने खोली जांच रिपोर्ट

दौसा कलेक्टर ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुई बस आग की जांच के निष्कर्षों का खुलासा किया है, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई थी। जांच में एक्सप्रेस-वे पर कई सुरक्षा खामियां सामने आईं, जिनमें अस्पष्ट साइनबोर्ड और अग्निशमन टेंडरों की कमी शामिल है, जिससे बचाव कार्यों में देरी हुई। आठ सदस्यीय मजिस्ट्रेट जांच दल ने सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और ट्रेलर चालक के बयान की समीक्षा की। बेहतर साइनेज और राजमार्गों पर स्थायी अग्निशमन टेंडर प्रावधानों के लिए राज्य सरकार को सिफारिशें भेजी गई हैं। यह घटना तब हुई जब एक स्लीपर बस मोड़ बिंदु पर एक ट्रेलर से टकरा गई, जिससे भीषण आग लग गई।

AI सारांश

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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक टक्कर

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर धनावड़-कोलवा के पास एक भयावह बस दुर्घटना हुई, जिसमें ऋषिकेश से इंदौर जा रही एक स्लीपर बस शामिल थी। बस एक ट्रेलर से टकरा गई, जिसके परिणामस्वरूप भीषण आग लग गई जिसमें 10 लोगों की जान चली गई।

कलेक्टर ने बताई जांच की कमियां

दौसा कलेक्टर सौम्या झा ने आठ सदस्यीय मजिस्ट्रेट जांच दल के निष्कर्षों की घोषणा की। सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीद गवाहों के बयानों और ट्रेलर चालक के बयान पर आधारित जांच में एक्सप्रेस-वे पर महत्वपूर्ण सुरक्षा कमियां पाई गईं।

साइनेज और आपातकालीन प्रतिक्रिया में विफलताएं

जांच से पता चला कि जयपुर-अजमेर मार्ग के लिए अस्पष्ट साइनबोर्ड और दिशात्मक तीरों की कमी से चालकों में भ्रम पैदा हुआ, जिससे अचानक गति कम हो गई। इसके अलावा, एक्सप्रेस-वे पर स्थायी अग्निशमन टेंडरों की अनुपलब्धता ने बचाव कार्यों में काफी देरी की, अग्निशमन सेवाओं को घटनास्थल तक पहुंचने में लगभग 30 मिनट लगे।

राज्य सरकार को सिफारिशें

दौसा जिला प्रशासन ने इन महत्वपूर्ण सुरक्षा कमियों को दूर करने के लिए राज्य सरकार को सिफारिशें प्रस्तुत की हैं। सुझावों में साइनेज स्पष्टता में सुधार और सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थायी अग्निशमन टेंडर सुविधाओं की स्थापना शामिल है। इन सुधारों पर चर्चा के लिए NHAI के साथ एक बैठक भी प्रस्तावित है।

पीड़ितों की पहचान और सहायता जारी

मृतकों की पहचान और उनके शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। दौसा के रामकरण जोशी राजकीय जिला अस्पताल में रखे गए आठ शवों में से छह को पहचान के लिए डीएनए नमूना संग्रह के बाद जारी कर दिया गया है, जिससे प्रभावित परिवारों को उचित प्रक्रिया मिल सके।

क्यों मायने रखता है

यह घटना राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर महत्वपूर्ण सुरक्षा कमियों को उजागर करती है, विशेष रूप से आपातकालीन प्रतिक्रिया और सड़कB बुनियादी ढांचे के संबंध में। निष्कर्ष समान त्रासदियों को रोकने और चालक मार्गदर्शन में सुधार के लिए तत्काल सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर जोर देते हैं।

मुख्य तथ्य

  • Fatalities: 10 (8 spot, 2 during treatment)
  • Cause of Accident: Sleeper bus hit trailer after unclear signage led to sudden deceleration
  • Investigation Team: Eight-member magistrate committee
  • Key Safety Lapses: Unclear signboards, lack of fire tenders, emergency exit issues
  • Time for fire tender arrival: Approximately 30 minutes

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